इन्द्र देव आरती

इन्द्र देव आरती

जय जय इंद्र देवा, स्वर्गलोक के राजा।त्रिभुवन के स्वामी, बजे तेरा बाजा॥

॥ जय जय इंद्र देवा ॥

ऐरावत पर बैठे, वज्र हाथ में धारी।मेघों के नायक, महिमा तुम्हारी॥

॥ जय जय इंद्र देवा ॥

वर्षा के दाता, जल बरसाते।धरती को हरियाली, तुम ही दिलाते॥

॥ जय जय इंद्र देवा ॥

देवों के देवेंद्र, सुरपति कहलाते।इंद्रलोक में बैठे, सब सुख पाते॥

॥ जय जय इंद्र देवा ॥

शचीपति हो तुम, अमरावती के राजा।दैत्यों का नाश करो, यही है काजा॥

॥ जय जय इंद्र देवा ॥

जो भक्त तुम्हारी, आरती गाए।सुख-समृद्धि उसके, घर में आए॥

॥ जय जय इंद्र देवा ॥

वज्रपाणि इंद्र, शरण में आए।भक्तों की रक्षा, सदा तुम करो॥

॥ जय इंद्र देव की जय ॥

पाठ पूर्ण

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