108 नाम
इन्द्र देव के 108 भक्तिपूर्ण नाम और सरल अर्थ।
- 1
इन्द्र
स्वर्ग से सम्बद्ध वैदिक देव
- 2
देवराज
देवताओं के राजा
- 3
शक्र
शक्तिशाली देव
- 4
वज्रधारी
वज्र धारण करने वाले
- 5
मेघपति
मेघों के स्वामी
- 6
वर्षादाता
वर्षा देने वाले
- 7
पुरंदर
दुर्गम अवरोधों को तोड़ने वाले
- 8
वृत्रहा
वृत्र का नाश करने वाले
- 9
सहस्राक्ष
सहस्र नेत्रों वाले
- 10
ऐरावतवाहन
ऐरावत पर विराजमान
- 11
शचीपति
शची देवी के पति
- 12
स्वर्गपति
स्वर्गलोक के अधिपति
- 13
मरुत्सखा
मरुतों के सखा
- 14
बलदाता
बल देने वाले
- 15
वीर्यप्रदा
वीर्य और साहस देने वाले
- 16
अम्भरनाथ
आकाश-प्रदेश से जुड़े देव
- 17
ऋग्वेदस्तुत
वैदिक सूक्तों में स्तुत
- 18
जलमोचक
जल को मुक्त कराने वाले
- 19
नेतृत्वदाता
नेतृत्व-शक्ति देने वाले
- 20
धर्मरक्षक
धर्म-व्यवस्था के रक्षक
- 21
कृपामय
विनम्र स्मरण से कृपा करने वाले
- 22
त्रिदशाधिप
तैंतीस कोटि देवों के अधिपति
- 23
सुरेश
देवताओं के ईश्वर
- 24
सुरपति
देवगणों के पति और स्वामी
- 25
सुरराज
देवताओं के राजा
- 26
देवेन्द्र
देवताओं के परम इन्द्र
- 27
देवनाथ
देवताओं के नाथ और स्वामी
- 28
देवाधिपति
देवताओं के परम अधिपति
- 29
अमरराज
अमर देवताओं के राजा
- 30
अमरेश
अमर देवों के ईश्वर
- 31
अमरेन्द्र
अमरों के इन्द्र
- 32
अमरपति
अमर देवगणों के पति
- 33
मघवान
यज्ञों में सोम पीने वाले उदार देव
- 34
मघोन
उदारता से देने वाले धनदाता
- 35
वसुदाता
धन और वसु प्रदान करने वाले
- 36
धनदाता
धन-सम्पत्ति देने वाले
- 37
धनपति
धन के अधिपति और स्वामी
- 38
ऐश्वर्यदाता
ऐश्वर्य और वैभव देने वाले
- 39
सोमपायी
यज्ञ में सोमरस पान करने वाले
- 40
सोमप्रिय
सोमरस से अत्यन्त प्रेम करने वाले
- 41
हरिवाहन
हरित अश्वों के रथ पर विराजमान
- 42
अश्वपति
उत्तम अश्वों के स्वामी
- 43
गजपति
गजराज ऐरावत के स्वामी
- 44
वज्रपाणि
हाथ में वज्र धारण करने वाले
- 45
वज्रभृत
वज्र को धारण और वहन करने वाले
- 46
वज्रिन
वज्र से सम्पन्न और युक्त
- 47
विद्युत्पति
विद्युत और बिजली के स्वामी
- 48
वातापति
वायु और वात के अधिपति
- 49
आकाशपति
आकाश के स्वामी और अधिपति
- 50
दिवस्पति
दिव्य लोक के स्वामी
- 51
द्युपति
आकाशीय प्रकाश के स्वामी
- 52
त्रिदशपति
तीनों लोकों के देवों के पति
- 53
लोकपाल
लोकों का पालन और रक्षण करने वाले
- 54
लोकरक्षक
समस्त लोकों के रक्षक
- 55
लोकनाथ
लोकों के नाथ और स्वामी
- 56
विश्वरक्षक
सम्पूर्ण विश्व के रक्षक
- 57
विश्वपाल
विश्व का पालन करने वाले
- 58
पाकशासन
पाक नामक असुर का शासन करने वाले
- 59
बलभिद
बल नामक दानव का नाश करने वाले
- 60
असुरघ्न
असुरों का विनाश करने वाले
- 61
दानवारि
दानवों के शत्रु और संहारक
- 62
दैत्यहन्ता
दैत्यों का हनन करने वाले
- 63
दैत्यारि
दैत्यों के परम शत्रु
- 64
दैत्यनाशक
दैत्यों का नाश करने वाले
- 65
राक्षसघ्न
राक्षसों का घात करने वाले
- 66
विरोचनारि
विरोचन के शत्रु और विजेता
- 67
नमुचिहन्ता
नमुचि असुर का नाश करने वाले
- 68
शम्बरारि
शम्बर असुर के शत्रु
- 69
विजयी
सदा विजयी रहने वाले
- 70
विजयप्रद
भक्तों को विजय प्रदान करने वाले
- 71
युद्धवीर
युद्ध में अतुलनीय वीरता दिखाने वाले
- 72
रणकुशल
रणभूमि में अत्यन्त कुशल
- 73
सेनापति
देवसेना के पति और नायक
- 74
देवसेनानी
देवताओं की सेना के सेनानी
- 75
सुरसेनेश
देवसेना के ईश्वर और अधिपति
- 76
गौतम
ज्ञान और तेज से सम्पन्न
- 77
यज्ञपति
यज्ञों के अधिपति और स्वामी
- 78
यज्ञभोक्ता
यज्ञ के हवि को ग्रहण करने वाले
- 79
हव्यवाहन
हव्य और आहुति वहन करने वाले
- 80
यज्ञप्रिय
यज्ञ से अत्यन्त प्रेम करने वाले
- 81
क्रतुप्रिय
क्रतु और यज्ञ कर्म से प्रसन्न होने वाले
- 82
ऋतुपति
ऋतुओं के स्वामी और संचालक
- 83
कालनियन्ता
काल का नियमन करने वाले
- 84
ऋतस्वरूप
दिव्य ऋत और नियम का स्वरूप
- 85
सत्यव्रत
सत्य का व्रत धारण करने वाले
- 86
सत्यप्रिय
सत्य से अत्यन्त प्रेम करने वाले
- 87
धर्मध्वज
धर्म के ध्वज को धारण करने वाले
- 88
धर्मपाल
धर्म का पालन और रक्षण करने वाले
- 89
तेजस्वी
अनुपम तेज और ओज से युक्त
- 90
तेजोमय
दिव्य तेज से परिपूर्ण
- 91
प्रतापी
अपार प्रताप से सम्पन्न
- 92
पराक्रमी
असीम पराक्रम वाले
- 93
महाबाहु
महान और बलिष्ठ भुजाओं वाले
- 94
महावीर
महान वीरता से सम्पन्न
- 95
महेन्द्र
महान इन्द्र के परम स्वरूप
- 96
महाराज
सर्वोच्च और महान राजाधिराज
- 97
श्रीमान
श्री और वैभव से सम्पन्न
- 98
नन्दनवनपति
नन्दनवन के स्वामी और अधिपति
- 99
स्वर्गाधिपति
स्वर्गलोक के सर्वोच्च अधिपति
- 100
त्रिलोकविजयी
तीनों लोकों को जीतने वाले
- 101
सर्वदेवनमस्कृत
सभी देवताओं द्वारा नमस्कृत
- 102
सर्वपूजित
सभी द्वारा पूजित और वन्दित
- 103
ऋषिवन्दित
ऋषियों और मुनियों द्वारा वन्दित
- 104
पुण्यकर्मा
पुण्य कर्मों का आचरण करने वाले
- 105
सुकर्मा
शुभ और उत्तम कर्म करने वाले
- 106
विभवशाली
असीम विभव और ऐश्वर्य वाले
- 107
शतक्रतु
सौ यज्ञ सम्पन्न करने वाले
- 108
सर्वशक्तिमान
समस्त शक्तियों से सम्पन्न परम देव

