जय कामदेव भगवान, जय कामदेव भगवान।
प्रेम और प्रीति के दाता, जग में जय-जयकार॥
॥ जय कामदेव भगवान... ॥
गन्ने का धनुष सजाया, पुष्प बाण हैं न्यारे।
ऋतुराज वसंत के स्वामी, जग में सबसे प्यारे॥
रति संग विराजत हो प्रभु, रूप अपार।
॥ जय कामदेव भगवान... ॥
शुक वाहन पर विराजें, मनमोहन रूप धारी।
पुष्प शर की माला पहने, छवि अति प्यारी॥
अनंग नाम धरे तुमने, मन मोहनहार।
॥ जय कामदेव भगवान... ॥
प्रेम बढ़ाओ प्रभु मेरा, जीवन सुख दो दाता।
पति-पत्नी का प्रेम बढ़ाओ, बनो सुखदाता॥
भक्तों की सुनो विनती, करो उद्धार।
॥ जय कामदेव भगवान... ॥
जो जन तुम्हरी शरण में आवे, मन से ध्याए।
प्रेम का वरदान पाए, जीवन सुखमय पाए॥
मनोकामना पूरी करो, हो जय-जयकार।
॥ जय कामदेव भगवान... ॥
कामदेव के चरणों में, पुष्प अर्पण कीजे।
चन्दन, धूप, दीप से, आरती गाइए॥
देव प्रसन्न हों तुम पर, भरें भण्डार।
॥ जय कामदेव भगवान... ॥
जय कामदेव भगवान, जय कामदेव भगवान।
प्रेम और प्रीति के दाता, जग में जय-जयकार॥

