108 नाम
परशुराम जी के 108 नाम और उनके सरल अर्थ।
- 1
परशुराम
परशु (फरसा) धारण करने वाले राम
- 2
जामदग्न्य
जमदग्नि ऋषि के पुत्र
- 3
भार्गव
भृगु वंश में जन्मे
- 4
रामभद्र
कल्याणकारी राम
- 5
वीरराम
वीरों में श्रेष्ठ राम
- 6
भृगुनंदन
भृगु कुल के आनंद
- 7
क्षत्रियांतक
अधर्मी क्षत्रियों का नाश करने वाले
- 8
तपोमूर्ति
तपस्या के साक्षात स्वरूप
- 9
महातेजस्वी
महान तेज और ओज से युक्त
- 10
चिरंजीव
सप्त चिरंजीवियों में से एक
- 11
विष्णुदूत
भगवान विष्णु के दूत
- 12
षष्ठावतार
विष्णु के छठे अवतार
- 13
धर्मरक्षक
धर्म की रक्षा करने वाले
- 14
शस्त्रपाणि
हाथ में शस्त्र धारण करने वाले
- 15
महाबली
असीम बल के स्वामी
- 16
ब्रह्मक्षत्र
ब्राह्मण और क्षत्रिय गुणों के समन्वय
- 17
रेणुकासुत
माता रेणुका के पुत्र
- 18
कोदण्डधारी
धनुष धारण करने वाले
- 19
अमोघ
जिनका कोई भी कार्य व्यर्थ न हो
- 20
दिव्यास्त्रधारी
दिव्य अस्त्रों के स्वामी
- 21
शिवभक्त
भगवान शिव के परम भक्त
- 22
पितृभक्त
पिता के परम आज्ञाकारी
- 23
मातृभक्त
माता के प्रति असीम श्रद्धावान
- 24
जगद्गुरु
समस्त संसार के गुरु
- 25
विद्याधर
समस्त विद्याओं के धारक
- 26
अस्त्रगुरु
अस्त्र-शस्त्र विद्या के गुरु
- 27
शांतिप्रिय
शांति को प्रिय मानने वाले
- 28
तपस्वीराज
तपस्वियों के राजा
- 29
महर्षिपुत्र
महर्षि जमदग्नि के पुत्र
- 30
वेदज्ञ
वेदों के परम ज्ञाता
- 31
धनुर्धर
धनुर्विद्या के महान धारक
- 32
भूमिदाता
कश्यप को पृथ्वी दान करने वाले
- 33
सत्यवादी
सदा सत्य बोलने वाले
- 34
क्रोधमूर्ति
अधर्म पर क्रोध करने वाले
- 35
न्यायप्रिय
न्याय के परम समर्थक
- 36
अजेय
जिन्हें कोई जीत न सके
- 37
अपराजित
जो कभी पराजित न हुए
- 38
महावीर
महान वीरता के स्वामी
- 39
रणशूर
युद्ध में सर्वश्रेष्ठ योद्धा
- 40
दिव्यतेजस्
दिव्य तेज से दीप्तिमान
- 41
कुलीन
श्रेष्ठ कुल में जन्मे
- 42
ब्रह्मवादी
ब्रह्म तत्व के प्रवक्ता
- 43
तेजोराशि
तेज की राशि के स्वामी
- 44
दृढ़व्रत
दृढ़ संकल्प और व्रत वाले
- 45
जितेंद्रिय
इंद्रियों को जीतने वाले
- 46
वज्रधारी
वज्र के समान बल धारण करने वाले
- 47
महाज्ञानी
अतुलनीय ज्ञान के स्वामी
- 48
योगिराज
योगियों के राजा
- 49
मुनिवर
मुनियों में श्रेष्ठ
- 50
कल्याणकर
सबका कल्याण करने वाले
- 51
प्रतापी
महान प्रताप के धनी
- 52
शूरवीर
शूरता और वीरता के प्रतीक
- 53
दयालु
भक्तों पर दया करने वाले
- 54
करुणाकर
करुणा के सागर
- 55
जगद्रक्षक
संसार की रक्षा करने वाले
- 56
विश्वपालक
विश्व का पालन करने वाले
- 57
भयहर
भक्तों का भय हरने वाले
- 58
शोकनाशन
शोक और दुःख का नाश करने वाले
- 59
पापनाशक
पापों का नाश करने वाले
- 60
पुण्यदायी
पुण्य प्रदान करने वाले
- 61
मोक्षदाता
मोक्ष प्रदान करने वाले
- 62
मुक्तिप्रद
मुक्ति का मार्ग दिखाने वाले
- 63
सिद्धिदाता
सभी सिद्धियाँ प्रदान करने वाले
- 64
ऋद्धिप्रद
ऋद्धि-समृद्धि देने वाले
- 65
विघ्ननाशक
सभी विघ्नों का नाश करने वाले
- 66
संकटहर
संकट दूर करने वाले
- 67
शुभप्रद
शुभता और मंगल प्रदान करने वाले
- 68
मंगलकारी
सदा मंगल करने वाले
- 69
आनंदरूप
आनंद के साक्षात स्वरूप
- 70
प्रसन्नमुख
प्रसन्न मुखमंडल वाले
- 71
भक्तवत्सल
भक्तों से वत्सलता रखने वाले
- 72
भक्तप्रिय
भक्तों को प्रिय मानने वाले
- 73
भक्तपालक
भक्तों का पालन करने वाले
- 74
शरणागतवत्सल
शरण में आए जनों की रक्षा करने वाले
- 75
कृपासिंधु
कृपा के अथाह सागर
- 76
दीनबंधु
दीन-दुखियों के बंधु
- 77
लोकनायक
लोकों का नेतृत्व करने वाले
- 78
धर्मध्वज
धर्म की ध्वजा फहराने वाले
- 79
सत्यस्वरूप
सत्य के साक्षात स्वरूप
- 80
पवित्रात्मा
पवित्र आत्मा वाले
- 81
निर्मलमति
निर्मल और स्वच्छ मन वाले
- 82
तीर्थराज
तीर्थों के राजा
- 83
सर्वज्ञ
सब कुछ जानने वाले सर्वज्ञ
- 84
त्रिकालज्ञ
भूत, वर्तमान, भविष्य के ज्ञाता
- 85
सर्वशक्तिमान
सर्वशक्ति के स्वामी
- 86
अनंत
अनंत और असीम स्वरूप वाले
- 87
अव्यय
जिनका कभी क्षय न हो
- 88
अविनाशी
जिनका कभी विनाश न हो
- 89
नित्य
सदा शाश्वत और नित्य
- 90
सनातन
सनातन धर्म के रक्षक
- 91
ईश्वर
ईश्वरीय शक्ति के धारक
- 92
परमात्मा
परम आत्मतत्व के स्वरूप
- 93
ब्रह्मांडनायक
ब्रह्मांड के नायक
- 94
त्रिभुवनेश्वर
तीनों लोकों के स्वामी
- 95
दिव्यरूप
दिव्य और अलौकिक स्वरूप वाले
- 96
चतुर्भुज
चार भुजाओं वाले दिव्य स्वरूप
- 97
परशुहस्त
हाथ में परशु (फरसा) धारण किए
- 98
जटाधारी
जटाएँ धारण करने वाले
- 99
तीक्ष्णधी
तीव्र और तीक्ष्ण बुद्धि वाले
- 100
कवच
भक्तों के लिए कवच समान रक्षक
- 101
विजयी
सदा विजय प्राप्त करने वाले
- 102
अमृतपाणि
अमृत रूपी आशीर्वाद देने वाले
- 103
ज्ञानदाता
ज्ञान का दान करने वाले
- 104
गुरुदेव
गुरुओं के देव
- 105
परमगुरु
सर्वोच्च गुरु
- 106
आदिगुरु
आदिकाल से गुरु पद पर आसीन
- 107
लोकेश
समस्त लोकों के स्वामी
- 108
परमेश्वर
परम और सर्वोच्च ईश्वर

