राम लला की पूजा भगवान श्रीराम के बाल स्वरूप की आराधना है। इस पूजा में वात्सल्य भाव, प्रेम, सरलता और निष्कपट भक्ति का विशेष महत्व माना जाता है। राम लला को बालक मानकर उनकी सेवा, श्रृंगार, भोग और आरती की जाती है। यह पूजा परिवार में सुख, बच्चों की उन्नति, मन की शांति और भगवान की कृपा प्राप्त करने के लिए की जाती है।
तैयारी
प्रातः स्नान करके स्वच्छ एवं सात्विक वस्त्र धारण करें
पूजा स्थान को साफ और सुगंधित रखें
राम लला की मूर्ति या चित्र को स्वच्छ चौकी पर स्थापित करें
चौकी पर पीला या लाल वस्त्र बिछाएं
पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें
मन में बाल राम के प्रति प्रेम और वात्सल्य भाव रखें
आवश्यक सामग्री
राम लला की मूर्ति या चित्र
पीला या लाल वस्त्र
चंदन
अक्षत (चावल)
पीले या सफेद पुष्प
तुलसी पत्र
घी का दीपक
अगरबत्ती
कपूर
फल
मिश्री, माखन या खीर
दूध
जल से भरा पात्र
बाल स्वरूप के लिए छोटे वस्त्र या मुकुट (वैकल्पिक)
मंत्र जाप हेतु माला
संकल्प
हाथ में जल लेकर पूजा का संकल्प करें
राम लला की कृपा, परिवार की सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति की प्रार्थना करें
पूजा को प्रेम और श्रद्धा के साथ पूर्ण करने का निश्चय करें
ध्यान
नेत्र बंद करके राम लला के दिव्य बाल स्वरूप का ध्यान करें
उन्हें मुस्कुराते हुए बालक के रूप में अपने हृदय में स्थापित करें
उनकी करुणा, सरलता और दिव्य तेज का स्मरण करें
आवाहन
राम लला को पूजा स्वीकार करने हेतु आमंत्रित करें
फूल और अक्षत अर्पित करें
‘ॐ श्री राम लल्लाय नमः’ मंत्र का 11 या 21 बार जाप करें
अभिषेक एवं स्नान
यदि मूर्ति हो तो स्वच्छ जल से प्रतीकात्मक स्नान कराएं
इच्छानुसार दूध या पंचामृत अर्पित करें
मूर्ति को स्वच्छ वस्त्र से पोंछकर पुनः स्थापित करें
वस्त्र एवं श्रृंगार
राम लला को स्वच्छ वस्त्र अर्पित करें
चंदन का तिलक लगाएं
फूलों की माला और पुष्प अर्पित करें
बाल स्वरूप के अनुरूप मुकुट या आभूषण अर्पित कर सकते हैं
तुलसी एवं पुष्प अर्पण
तुलसी पत्र श्रद्धा से अर्पित करें
पीले या सफेद पुष्प चढ़ाएं
राम नाम का स्मरण करते हुए पुष्पांजलि अर्पित करें
भोग अर्पण
माखन-मिश्री, खीर, दूध या फल अर्पित करें
बालक स्वरूप को प्रिय मानकर सरल और सात्विक भोग लगाएं
भोग स्वीकार करने की प्रार्थना करें
धूप एवं दीप
अगरबत्ती अर्पित करें
घी का दीपक जलाएं
कपूर से आरती की तैयारी करें
मंत्र जाप
‘ॐ श्री राम लल्लाय नमः’ मंत्र का 11, 21 या 108 बार जाप करें
‘श्री राम जय राम जय जय राम’ मंत्र का जप करें
संभव हो तो राम नाम संकीर्तन करें
आरती
भक्ति और वात्सल्य भाव से राम लला की आरती करें
दीपक को धीरे-धीरे गोलाकार घुमाएं
आरती के समय राम नाम का गुणगान करें
प्रदक्षिणा
पूजा स्थान की 1 या 3 बार परिक्रमा करें
राम लला के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें
प्रणाम
राम लला को साष्टांग या हाथ जोड़कर प्रणाम करें
परिवार, संतानों और समाज के कल्याण की प्रार्थना करें
जीवन में प्रेम, सरलता और धर्म का पालन करने का संकल्प लें
प्रसाद वितरण
माखन-मिश्री, खीर या अन्य प्रसाद परिवार में वितरित करें
बच्चों को प्रसाद देना विशेष शुभ माना जाता है
महत्वपूर्ण निर्देश
राम नवमी, गुरुवार और विशेष राम भक्ति पर्वों पर राम लला की पूजा अत्यंत शुभ मानी जाती है। चूंकि यह भगवान श्रीराम का बाल स्वरूप है, इसलिए पूजा में वात्सल्य भाव, सरलता और प्रेम को विशेष महत्व दें। माखन-मिश्री, दूध, खीर और फल जैसे सात्विक भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है।

