सरस्वती माता के मंत्रों का जप करते समय नियमित लय, स्पष्ट उच्चारण और पूर्ण श्रद्धा बनाए रखें।
विद्या प्राप्ति मंत्र
॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वत्यै नमः ॥
उच्च शिक्षा, ज्ञान वृद्धि, अध्ययन में प्रगति और मानसिक तेज के लिए
प्रतिदिन 51 बार
मूल मंत्र
॥ सरस्वती नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि। विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा ॥
विद्यारम्भ संस्कार, पुस्तक पूजन, स्कूल-कॉलेज प्रवेश के लिए
प्रतिदिन 108, 51 या 21 बार
सरस्वती बीज मंत्र
ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः
बुद्धि, विद्या, स्मरण शक्ति, वाणी की स्पष्टता और परीक्षा सफलता के लिए
प्रतिदिन 108 बार
या कुंदेन्दु स्तुति
या कुंदेन्दु तुषारहार धवला या शुभ्रवस्त्रावृता । या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना । या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वंदिता । सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा ॥
पढ़ाई, परीक्षा, संगीत अभ्यास या दैनिक पूजा से पहले
प्रतिदिन 11 बार
सरस्वती गायत्री मंत्र
ॐ वाग्देव्यै च विद्महे ब्रह्मपत्नी च धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्
बुद्धि विकास, अनुशासन, उच्च ज्ञान और आध्यात्मिक प्रगति के लिए
प्रतिदिन 21 बार
वाणी सिद्धि मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा
भाषण कला, आत्मविश्वास, इंटरव्यू, शिक्षण और मधुर वाणी के लिए
प्रतिदिन 108 बार
स्मरण शक्ति मंत्र
ॐ ऐं नमः
एकाग्रता, याददाश्त और तेज बुद्धि के लिए
प्रतिदिन 108 बार
मार्गदर्शन
शांत अवस्था में बैठकर, स्थिर श्वास और एकाग्र मन से जप करें। प्रातःकाल का समय विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

