बगलामुखी मन्त्र-साधना विनम्रता और सावधानी से करनी चाहिए। घर में सरल स्मरण उचित है, जबकि गूढ़ प्रयोग केवल गुरु-मार्गदर्शन में ही करने चाहिए।
सरल मन्त्र
ॐ ह्लीं बगलामुख्यै नमः
दैनिक स्मरण, रक्षा और मनोकामना पूर्ति के लिए
11 या 21 बार
बगलामुखी बीज मन्त्र
ॐ ह्लीं
शक्ति जागरण, भय नाश और मानसिक स्थिरता के लिए
108 बार
शत्रु स्तम्भन मन्त्र
ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा
शत्रु बाधा, विवाद और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा के लिए
11, 21 या 108 बार
बगलामुखी गायत्री मन्त्र
ॐ बगलामुख्यै विद्महे स्तम्भिन्यै धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्
बुद्धि, आत्मबल और आध्यात्मिक उन्नति के लिए
21 या 108 बार
संकट नाशक मन्त्र
ॐ ह्लीं श्रीं बगलामुख्यै फट्
संकट, भय और अचानक आने वाली बाधाओं से रक्षा के लिए
51 या 108 बार
महत्त्वपूर्ण मार्गदर्शन
बगलामुखी साधना का प्रयोग हानिकारक भावना से न करें। सामान्य भक्तों के लिए सात्त्विक विधि रखें: दीपक, पीले पुष्प, आरती, चालीसा और सत्य की प्रार्थना।

