
बगलामुखी माता
बगलामुखी माता दशमहाविद्याओं में से एक पीताम्बरा देवी हैं, जो रक्षा, दुष्ट वाणी के स्तम्भन और अनुशासित साधना से विजय प्रदान करती हैं।
सरल मन्त्र
ॐ ह्लीं बगलामुख्यै नमः
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संक्षिप्त तथ्य
मुख्य भाव
रक्षा, हानिकारक वाणी पर विजय और अनुशासित आध्यात्मिक साहस
आवश्यक सीमा
गूढ़ बगलामुखी साधना केवल योग्य गुरु से सीखकर ही करनी चाहिए
बगलामुखी माता की कथा और आध्यात्मिक महत्व
अर्थ, उपासना और उपलब्ध पाठ को समझने के लिए संक्षिप्त परिचय।
बगलामुखी माता दशमहाविद्याओं में से एक पीताम्बरा देवी हैं, जो रक्षा, दुष्ट वाणी के स्तम्भन और अनुशासित साधना से विजय प्रदान करती हैं।
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महाविद्या परम्परा में बगलामुखी माता
बगलामुखी माता दस महाविद्याओं में पूजित महान देवी-स्वरूप हैं। वे पीत वस्त्र, पीताम्बरा तेज और स्वर्णिम आभा से सम्बद्ध मानी जाती हैं। भक्त उनसे हानिकारक शक्तियों, झूठे आरोप, दुष्ट वाणी और मानसिक अशांति से रक्षा की प्रार्थना करते हैं। उनकी शक्ति को प्रायः स्तम्भन कहा जाता है, अर्थात विनाशकारी गति को रोक देना। सही अर्थ में यह किसी को हानि पहुँचाने की छूट नहीं, बल्कि अधर्म को रोककर संतुलन स्थापित करने वाली मातृशक्ति है।
परम्परागत चित्रों में बगलामुखी माता दैत्य की जिह्वा पकड़कर गदा धारण किए दिखती हैं। भक्त इसे हानिकारक वाणी, छल, क्रूरता और अनियंत्रित नकारात्मकता को रोकने का प्रतीक मानते हैं। उनकी उपासना सबसे पहले अपनी वाणी को अनुशासित करने की शिक्षा देती है। जो व्यक्ति झूठी या कटु वाणी रखते हुए बगलामुखी की प्रार्थना करता है, वह साधना के मूल भाव से दूर हो जाता है।
बगलामुखी माता की साधना शक्तिशाली तांत्रिक धारा से जुड़ी है, इसलिए सरल भक्ति और गूढ़ अनुष्ठान में स्पष्ट भेद रखना आवश्यक है। सामान्य भक्त दीपक, पुष्प, हल्दी, पीला वस्त्र और सरल प्रसाद अर्पित कर आरती या चालीसा पढ़ सकता है। विशिष्ट मन्त्र, हवन, न्यास, प्रयोग और व्रत-सम्बन्धी विधियाँ केवल योग्य गुरु के मार्गदर्शन में ही करनी चाहिए। यह सावधानी परम्परा और भक्त दोनों की रक्षा करती है।
भक्ति का अर्थ
गृहस्थ जीवन में बगलामुखी माता की पूजा साहस, न्याय-संबंधी और वाणी-संबंधी रक्षा, भय-निवारण और कठिन संघर्ष में विवेक के लिए की जाती है। उनकी गहरी कृपा अपनी ही वाणी, क्रोध और प्रतिक्रिया पर नियंत्रण है। भक्त बोलने से पहले रुकना, चुगली से बचना और सत्य के साथ दृढ़ रहना सीखता है। यही सबसे शुभ विजय है।
इस पृष्ठ में बगलामुखी माता की परम्परा का सम्मान रखते हुए पाठ दिए गए हैं, पर पूजा-विधि सामान्य भक्तों के लिए सरल, सात्त्विक और सुरक्षित रखी गई है।
भक्ति नोट
गृह-भक्ति में बगलामुखी पूजा सात्त्विक और प्रार्थनामयी रखें। गुरु-दीक्षा के बिना आक्रामक या तांत्रिक प्रयोग न करें।
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दिन
मंगलवार
रंग
पीला
भोग
हलवा
पर्व
नवरात्रि
लोकप्रिय खोजें
वे सामान्य खोज-वाक्य जिनसे भक्त इस देवता और संबंधित पाठ तक पहुँचते हैं।

