108 नाम
गायत्री माता के 108 पूज्य नाम और उनके सरल अर्थ।
- 1
गायत्री
वैदिक मंत्रों और दिव्य ज्ञान की जननी
- 2
सावित्री
तेजस्वी सूर्य ऊर्जा और जीवन देने वाली देवी
- 3
वेदमाता
वेदों की माता
- 4
ब्रह्मी
भगवान ब्रह्मा की शक्ति और ज्ञान की स्वरूपा
- 5
सर्वदेवमयी
जो सभी देवताओं का स्वरूप धारण करती हैं
- 6
वेद जननी
पवित्र ज्ञान की माता
- 7
परम ज्योति
सर्वोच्च दिव्य प्रकाश
- 8
आदित्य शक्ति
सूर्य देव की शक्ति
- 9
विश्वाधारा
संपूर्ण ब्रह्मांड का आधार
- 10
ब्रह्म स्वरूपिणी
ब्रह्मा की ऊर्जा की मूर्ति
- 11
जगत जननी
संपूर्ण संसार की माता
- 12
महाशक्ति
सर्वोच्च दिव्य शक्ति
- 13
वेदत्रयी
तीनों वेदों की स्वरूपा
- 14
दिव्य माता
दिव्य माँ
- 15
ब्रह्म तेजस्विनी
ब्रह्मा की तेजस्वी शक्ति
- 16
वाग्देवता
वाणी की देवी
- 17
शुद्ध विद्या
पवित्र ज्ञान
- 18
ब्रह्म विद्या
सर्वोच्च आध्यात्मिक ज्ञान
- 19
सरस्वती रूपिणी
देवी सरस्वती का स्वरूप
- 20
तपस्विनी
तपस्या की मूर्ति
- 21
अन्नपूर्णा शक्ति
पोषण और ज्ञान देने वाली शक्ति
- 22
सर्वज्ञा
सब कुछ जानने वाली देवी
- 23
चैतन्य रूपिणी
चेतना की स्वरूपा
- 24
ओंकार रूपिणी
पवित्र ओम् की स्वरूपा
- 25
महादेवी
महान देवी
- 26
विश्वेश्वरी
संपूर्ण ब्रह्मांड की देवी
- 27
सत्य स्वरूपा
सत्य की मूर्ति
- 28
ज्ञान शक्ति
ज्ञान की शक्ति
- 29
प्रणव जननी
पवित्र ओम् की जननी
- 30
तेजोमयी
दिव्य प्रकाश से पूर्ण
- 31
मंत्र माता
मंत्रों की माता
- 32
ब्रह्मांड धारिणी
संपूर्ण ब्रह्मांड को धारण करने वाली
- 33
वेद शक्ति
वेदों की शक्ति
- 34
ब्रह्म प्रिया
ब्रह्मा की प्रिय
- 35
महाविद्या
सर्वोच्च ज्ञान की देवी
- 36
सर्वभूतेश्वरी
सभी प्राणियों की देवी
- 37
शांत रूपिणी
शांति की मूर्ति
- 38
भगवती
दिव्य और पूजनीय देवी
- 39
विष्णु माया
भगवान विष्णु की दिव्य माया
- 40
शिव शक्ति
भगवान शिव की ऊर्जा
- 41
आदिशक्ति
आदि दिव्य शक्ति
- 42
ब्रह्म निष्ठा
ब्रह्म में स्थित
- 43
वेदमयी
वैदिक ज्ञान से पूर्ण
- 44
सर्वभद्रा
सभी मंगलों का स्रोत
- 45
सत्यमयी
सत्य की स्वरूपा
- 46
आनंदमयी
आनंद से पूर्ण
- 47
ब्रह्म प्रकाशिनी
दिव्य ज्ञान को प्रकट करने वाली
- 48
धर्म शक्ति
धर्म की शक्ति
- 49
चिंतामणि
इच्छा पूर्ण करने वाली देवी
- 50
मोक्ष दायिनी
मोक्ष प्रदान करने वाली
- 51
सर्वभूत हित
सभी प्राणियों का कल्याण करने वाली
- 52
ब्रह्म रूपिणी
ब्रह्म का स्वरूप
- 53
विश्वजननी
संपूर्ण ब्रह्मांड की माता
- 54
ज्ञान गम्या
ज्ञान का परम लक्ष्य
- 55
सर्व सिद्धिदा
सभी सिद्धियाँ प्रदान करने वाली
- 56
वेद वंदिता
वेदों द्वारा पूजित
- 57
ब्रह्म शक्ति
सृष्टि की शक्ति
- 58
प्रकृति
स्वयं प्रकृति
- 59
सर्व लोकेश्वरी
सभी लोकों की देवी
- 60
ज्ञान प्रदायिनी
ज्ञान देने वाली
- 61
ब्रह्म ज्योति
ब्रह्म का दिव्य प्रकाश
- 62
विशुद्ध चैतन्य
शुद्ध चेतना
- 63
सर्व मंगल
सभी मंगलों का स्रोत
- 64
आदि माया
आदि मायाशक्ति
- 65
मनोन्मनी
मन से परे देवी
- 66
शुद्ध शक्ति
पवित्र ऊर्जा
- 67
ब्रह्म स्वरूप
ब्रह्म का वास्तविक स्वरूप
- 68
सर्व कार्य सिद्धिदा
सभी कार्यों को सफल करने वाली
- 69
वेदार्थ रूपिणी
वेदों के अर्थ की स्वरूपा
- 70
चंद्रिका
चाँदनी जैसी शीतल देवी
- 71
सर्व शक्ति
सर्वशक्तिमान देवी
- 72
महाप्रज्ञा
महान बुद्धि
- 73
ब्रह्म मोहिनी
ब्रह्मा को मोहित करने वाली
- 74
वेद गोपिका
वैदिक ज्ञान की रक्षक
- 75
सर्व स्वरूपिणी
सभी रूपों की स्वरूपा
- 76
दिव्य चैतन्य
दिव्य चेतना
- 77
शुभ लक्ष्मी
मंगलमयी समृद्धि की देवी
- 78
सर्व ज्ञानेश्वरी
संपूर्ण ज्ञान की देवी
- 79
ब्रह्म तेज
ब्रह्म का तेज
- 80
विश्व माया
संपूर्ण जगत की माया
- 81
सर्व सिद्धा
सभी सिद्धियों की पूर्णता
- 82
वेदमूर्ति
वेदों की मूर्ति
- 83
ब्रह्म प्रभा
ब्रह्मा का तेज
- 84
महाश्रुति
महान पवित्र ज्ञान
- 85
सर्व विद्या
समस्त ज्ञान
- 86
गायत्री माता
स्वयं माँ गायत्री
- 87
ब्रह्म वंदिता
ब्रह्मा द्वारा पूजित
- 88
सर्व सिद्धि दायिनी
सभी आध्यात्मिक सिद्धियाँ देने वाली
- 89
वेद माता
वेदों की माता
- 90
शिव प्रिया
शिव शक्ति की प्रिय
- 91
विष्णु माया शक्ति
भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति
- 92
सर्व ज्ञानमयी
संपूर्ण ज्ञान से पूर्ण
- 93
ब्रह्म आनंद
ब्रह्म का आनंद
- 94
अद्भुत रूपिणी
अद्भुत दिव्य स्वरूप वाली
- 95
सर्व भाव दायिनी
सभी भाव और भक्ति देने वाली
- 96
विश्वेश्वरी माता
संपूर्ण ब्रह्मांड की देवी
- 97
ब्रह्म शांति
ब्रह्म की शांति
- 98
सर्व कल्याणी
संपूर्ण कल्याण का स्रोत
- 99
महाशांति
महान शांति
- 100
ब्रह्म विद्या माता
दिव्य ज्ञान की माता
- 101
सर्व गता
सर्वत्र उपस्थित देवी
- 102
चैतन्य शक्ति
चेतना की ऊर्जा
- 103
सर्व मोक्ष दायिनी
मोक्ष प्रदान करने वाली
- 104
ब्रह्म शक्ति माता
सृष्टि की शक्ति
- 105
सर्व वेद माता
सभी वेदों की माता
- 106
दिव्य ज्योति
दिव्य प्रकाश
- 107
सर्व आनंदमयी
आनंद से पूर्ण
- 108
ॐ गायत्री माता
सर्वोच्च दिव्य गायत्री

