भगवान जगन्नाथ जी की पूजा सरलता, प्रेम और आत्मीयता से परिपूर्ण मानी जाती है। घर में उनकी पूजा स्वच्छ वेदी, सात्त्विक भोजन, पुष्प, तुलसी दल तथा भगवान के नाम के निरंतर स्मरण के साथ की जा सकती है।
तैयारी
स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें
पूजा स्थान को अच्छी तरह साफ करें
भगवान जगन्नाथ जी का चित्र या मूर्ति स्थापित करें; यदि उपलब्ध हो तो बलभद्र जी और सुभद्रा जी को भी साथ रखें
वेदी को स्वच्छ, व्यवस्थित और शांत रखें
सात्त्विक भोग की तैयारी करें
शांत, प्रेमपूर्ण और श्रद्धामय मन से पूजा के लिए बैठें
पूजा सामग्री
भगवान जगन्नाथ जी का चित्र या मूर्ति
दीपक
अगरबत्ती
ताज़े फूल
तुलसी दल (यदि उपलब्ध हो)
चंदन
कुमकुम और अक्षत
फल
पका हुआ सात्त्विक भोजन या मिठाई
जल
घंटी
संकल्प
- 1
भगवान जगन्नाथ जी के समक्ष हाथ जोड़कर बैठें
- 2
बलभद्र जी और सुभद्रा जी का भी स्मरण करें
- 3
भक्ति, शांति और परिवार के कल्याण का सरल संकल्प लें
- 4
प्रार्थना करें कि आप प्रत्येक प्राणी में भगवान का दर्शन कर सकें
आवाहन
- 1
दीपक और अगरबत्ती प्रज्वलित करें
- 2
मधुर स्वर में घंटी बजाएँ
- 3
‘जय जगन्नाथ’ का 11 बार जप करें
- 4
‘ॐ जगन्नाथाय नमः’ मंत्र का उच्चारण करें
- 5
मानसिक या प्रत्यक्ष रूप से जल अर्पित करें
अर्पण
- 1
चंदन लगाकर अक्षत अर्पित करें
- 2
भक्ति भाव से पुष्प अर्पित करें
- 3
यदि उपलब्ध हो तो तुलसी दल अर्पित करें
- 4
फल, मिठाई या सात्त्विक पका हुआ भोजन अर्पित करें
- 5
कुछ क्षण मौन रहकर भगवान को भोग स्वीकार करते हुए भाव करें
- 6
हृदय में कृतज्ञता और समर्पण का भाव बनाए रखें
पाठ और जप
- 1
भगवान जगन्नाथ जी की आरती का पाठ करें
- 2
जगन्नाथ जी की चालीसा का पाठ करें
- 3
श्रीकृष्ण या भगवान विष्णु के मंत्रों का जप करें
- 4
प्रेमपूर्वक ‘जय जगन्नाथ’ का बार-बार स्मरण करें
आरती एवं प्रसाद
- 1
दीपक से भगवान की आरती करें
- 2
करुणा, विनम्रता और भक्ति की प्रार्थना करें
- 3
प्रसाद को श्रद्धापूर्वक वितरित करें
- 4
संभव हो तो परिवार या किसी जरूरतमंद व्यक्ति के साथ भोजन साझा करें
भक्ति मार्गदर्शन
रथ यात्रा भगवान जगन्नाथ जी के भक्तों के लिए अत्यंत प्रिय और पवित्र पर्व माना जाता है। घर की पूजा सरल रखी जा सकती है; प्रेम, श्रद्धा और सम्मान ही भगवान को सबसे अधिक प्रिय अर्पण हैं।

