मूल मंत्र
ॐ सरवनभवाय नमः
यह भगवान कार्तिकेय का मूल मंत्र है। प्रतिदिन जप करने से जीवन में सफलता, शक्ति और दिव्य आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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स्कंद मंत्र
ॐ स्कंदाय नमः
शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने, साहस और वीरता बढ़ाने के लिए इस मंत्र का जप किया जाता है।
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सुब्रह्मण्य मंत्र
ॐ सुब्रह्मण्याय नमः
ज्ञान, बुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति के लिए इस मंत्र का जप किया जाता है। विद्यार्थियों के लिए विशेष लाभकारी।
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कार्तिकेय बीज मंत्र
ॐ क्रौं क्षौं रौं
यह बीज मंत्र है। शत्रु नाश, रोग निवारण और सुरक्षा के लिए इसका जप किया जाता है।
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मयूरवाहन मंत्र
ॐ मयूरवाहनाय नमः
अहंकार और अज्ञान के नाश के लिए। मन में शांति और दिव्य प्रकाश की प्राप्ति हेतु।
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पार्वतीनंदन मंत्र
ॐ पार्वतीनंदनाय नमः
माता की कृपा और पारिवारिक सुख-शांति के लिए। संतान प्राप्ति की कामना में भी यह मंत्र लाभकारी है।
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योगेश्वर मंत्र
ॐ योगीश्वराय नमः
योग साधना और ध्यान में गहराई के लिए। आत्मिक उन्नति और मोक्ष मार्ग पर अग्रसर होने के लिए।
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कार्तिकेय गायत्री मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महासेनाय धीमहि तन्नो स्कंदः प्रचोदयात्
यह गायत्री मंत्र बुद्धि, तेज और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करता है। प्रतिदिन सूर्योदय के समय इसका जप करें।
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सुब्रह्मण्य गायत्री मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे सुब्रह्मण्याय धीमहि तन्नो स्कंदः प्रचोदयात्
ज्ञान और विद्या की प्राप्ति के लिए यह अत्यंत प्रभावशाली गायत्री मंत्र है। परीक्षाओं में सफलता हेतु।
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द्वादशाक्षर मंत्र
ॐ नमो भगवते स्कंदाय नमः
सर्व रोग निवारण और दीर्घायु प्राप्ति के लिए। रोगी व्यक्ति के लिए विशेष उपयोगी।
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मोक्ष मंत्र
ॐ वचद्भुवे नमः
मोक्ष प्राप्ति और जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति के लिए। आध्यात्मिक साधना में इसका विशेष महत्व है।
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रक्षा मंत्र
ॐ षण्मुखाय विद्महे शक्तिहस्ताय धीमहि तन्नो स्कंदः प्रचोदयात्
समस्त प्रकार के भय, बाधा और बुरी शक्तियों से रक्षा के लिए। घर और परिवार की सुरक्षा हेतु।
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शांति मंत्र
ॐ शांतिरूपाय कार्तिकेयाय नमः
मन की शांति, घर में सुख-शांति और तनाव से मुक्ति के लिए। रात्रि को सोने से पूर्व जप करें।
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पूर्ण आशीर्वाद मंत्र
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्कंदाय नमः
जीवन में सर्वांगीण सफलता, समृद्धि, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक उन्नति के लिए यह सम्पूर्ण मंत्र है।
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संकट नाशक मंत्र
ॐ नमो भगवते कार्तिकेयाय सर्वशत्रुनाशाय सर्वसंकटनिवारणाय नमः
जीवन में आए गंभीर संकट, शत्रु बाधा और असाध्य कठिनाइयों से मुक्ति पाने के लिए विशेष जप।
108 बार

