खाटूश्याम जी के नाम

खाटूश्याम जी के नाम

108 नाम

खाटूश्याम जी के 108 नाम और उनके सरल अर्थ।

  1. 1

    खाटूश्याम

    भगवान श्याम का पूज्य स्वरूप, जो भक्तों को मार्गदर्शन और कृपा प्रदान करते हैं।

  2. 2

    श्याम बाबा

    भक्तों के प्रिय बाबा, जो सभी की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

  3. 3

    हारे का सहारा

    जो जीवन में निराश और दुखी लोगों का सहारा बनते हैं।

  4. 4

    शीश के दानी

    जिन्होंने धर्म के लिए अपना शीश दान किया।

  5. 5

    मोरवीनंदन

    माता मोरवी के प्रिय पुत्र।

  6. 6

    बार्बरीक

    महाभारत के महान वीर योद्धा का स्वरूप।

  7. 7

    तीन बाणधारी

    तीन दिव्य बाणों के स्वामी।

  8. 8

    श्याम सरकार

    भक्तों के पालनकर्ता और कृपालु स्वामी।

  9. 9

    दयालु श्याम

    जो सभी भक्तों पर दया और कृपा बरसाते हैं।

  10. 10

    भक्तवत्सल

    जो अपने भक्तों से अत्यंत प्रेम करते हैं।

  11. 11

    करुणामय

    जो करुणा और दया से परिपूर्ण हैं।

  12. 12

    कृपासागर

    जो असीम कृपा के सागर हैं।

  13. 13

    श्यामसुंदर

    अत्यंत सुंदर और आकर्षक स्वरूप वाले प्रभु।

  14. 14

    कल्याणकारी

    जो भक्तों का कल्याण करते हैं।

  15. 15

    संकटमोचन

    जो सभी संकटों को दूर करते हैं।

  16. 16

    भवभयहारक

    जो संसार के भय को दूर करते हैं।

  17. 17

    दीनबंधु

    जो दीन और दुखियों के मित्र हैं।

  18. 18

    भक्तरक्षक

    जो भक्तों की सदैव रक्षा करते हैं।

  19. 19

    लीलाधारी

    जो अपनी दिव्य लीलाओं से संसार का पालन करते हैं।

  20. 20

    अनाथनाथ

    जो अनाथों और असहायों के स्वामी हैं।

  21. 21

    जगपालक

    जो सम्पूर्ण जगत का पालन करते हैं।

  22. 22

    धर्मरक्षक

    जो धर्म की रक्षा करते हैं।

  23. 23

    वीर बार्बरीक

    महान पराक्रमी योद्धा का दिव्य स्वरूप।

  24. 24

    महाबली

    जो अत्यंत बलशाली और पराक्रमी हैं।

  25. 25

    श्याम प्रभु

    भक्तों के प्रिय और कृपालु प्रभु।

  26. 26

    भक्तप्रिय

    जो भक्तों को अत्यंत प्रिय हैं।

  27. 27

    दयासिंधु

    जो दया के अथाह सागर हैं।

  28. 28

    अच्युत

    जो कभी नष्ट नहीं होते और सदैव स्थिर हैं।

  29. 29

    अविनाशी

    जो कभी न समाप्त होने वाले हैं।

  30. 30

    मोक्षदाता

    जो भक्तों को मोक्ष प्रदान करते हैं।

  31. 31

    सुखदाता

    जो जीवन में सुख और शांति प्रदान करते हैं।

  32. 32

    शुभदाता

    जो शुभ फल और मंगल प्रदान करते हैं।

  33. 33

    शरणागतवत्सल

    जो शरण में आने वालों पर कृपा करते हैं।

  34. 34

    जगतबंधु

    जो सम्पूर्ण संसार के हितैषी हैं।

  35. 35

    श्यामचंद्र

    चंद्रमा के समान शीतल और सुंदर स्वरूप वाले।

  36. 36

    प्रेममूर्ति

    जो प्रेम और भक्ति के प्रतीक हैं।

  37. 37

    आनंददायक

    जो भक्तों को आनंद प्रदान करते हैं।

  38. 38

    शांतिदायक

    जो मन को शांति प्रदान करते हैं।

  39. 39

    पापनाशक

    जो भक्तों के पापों का नाश करते हैं।

  40. 40

    मनोकामनापूर्ण

    जो भक्तों की इच्छाएं पूर्ण करते हैं।

  41. 41

    त्रिकालदर्शी

    जो भूत, वर्तमान और भविष्य को जानते हैं।

  42. 42

    ज्ञानदाता

    जो ज्ञान और विवेक प्रदान करते हैं।

  43. 43

    तेजोमय

    जो दिव्य तेज से प्रकाशित हैं।

  44. 44

    अद्भुतरूप

    जिनका स्वरूप अत्यंत अद्भुत और दिव्य है।

  45. 45

    विजयदाता

    जो जीवन में विजय प्रदान करते हैं।

  46. 46

    भक्तसखा

    जो भक्तों के सच्चे मित्र हैं।

  47. 47

    विश्वनाथ

    जो सम्पूर्ण संसार के स्वामी हैं।

  48. 48

    आशीर्वाददाता

    जो भक्तों को दिव्य आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

  49. 49

    सर्वेश्वर

    जो सभी देवों में श्रेष्ठ और सर्वशक्तिमान हैं।

  50. 50

    भक्तहितकारी

    जो सदैव भक्तों का हित करते हैं।

  51. 51

    अन्नदाता

    जो जीवन के पालन हेतु अन्न और समृद्धि देते हैं।

  52. 52

    सत्यप्रिय

    जो सत्य और धर्म को प्रिय मानते हैं।

  53. 53

    धैर्यदाता

    जो भक्तों को धैर्य और शक्ति प्रदान करते हैं।

  54. 54

    मंगलमूर्ति

    जो मंगल और शुभता के प्रतीक हैं।

  55. 55

    विनायकप्रिय

    जो सभी देवों को प्रिय हैं।

  56. 56

    सर्वदाता

    जो सभी प्रकार के वरदान देने वाले हैं।

  57. 57

    दुःखनाशक

    जो जीवन के दुःखों का नाश करते हैं।

  58. 58

    अमृतमय

    जो अमृत समान आनंद देने वाले हैं।

  59. 59

    अद्वितीय

    जिनके समान कोई दूसरा नहीं है।

  60. 60

    भक्ताधीन

    जो भक्तों के प्रेम से बंधे रहते हैं।

  61. 61

    दयानिधि

    जो दया और करुणा के भंडार हैं।

  62. 62

    शरणदाता

    जो सभी को अपनी शरण देते हैं।

  63. 63

    कृपालु

    जो सदैव कृपा करने वाले हैं।

  64. 64

    मंगलकारी

    जो भक्तों के जीवन में मंगल लाते हैं।

  65. 65

    विश्वपालक

    जो सम्पूर्ण विश्व का पालन करते हैं।

  66. 66

    त्रिलोकनाथ

    जो तीनों लोकों के स्वामी हैं।

  67. 67

    अनंतशक्ति

    जो अनंत शक्ति से युक्त हैं।

  68. 68

    जगदीश्वर

    जो सम्पूर्ण जगत के ईश्वर हैं।

  69. 69

    सुंदरश्याम

    जो अत्यंत सुंदर और मनोहर हैं।

  70. 70

    धर्मपालक

    जो धर्म और सत्य की रक्षा करते हैं।

  71. 71

    महायोगी

    जो योग और तपस्या के महान स्वरूप हैं।

  72. 72

    शुभमूर्ति

    जो शुभता और पवित्रता के प्रतीक हैं।

  73. 73

    प्रेमदाता

    जो भक्तों के हृदय में प्रेम भरते हैं।

  74. 74

    कल्याणदाता

    जो भक्तों का कल्याण करते हैं।

  75. 75

    आश्रयदाता

    जो सभी को सुरक्षा और आश्रय देते हैं।

  76. 76

    परमदयालु

    जो अत्यंत दयालु और कृपालु हैं।

  77. 77

    भवसागर तारक

    जो संसार रूपी सागर से पार लगाते हैं।

  78. 78

    जगवंदित

    जिनकी सम्पूर्ण संसार में वंदना होती है।

  79. 79

    भक्तनायक

    जो भक्तों के मार्गदर्शक हैं।

  80. 80

    अनुग्रहकारी

    जो भक्तों पर विशेष कृपा करते हैं।

  81. 81

    सद्गुणसागर

    जो उत्तम गुणों के सागर हैं।

  82. 82

    शुभकर

    जो जीवन में शुभ फल प्रदान करते हैं।

  83. 83

    अचलभक्ति प्रिय

    जो अटूट भक्ति से प्रसन्न होते हैं।

  84. 84

    कष्टनिवारक

    जो भक्तों के कष्टों को दूर करते हैं।

  85. 85

    विजयरूप

    जो विजय और सफलता के प्रतीक हैं।

  86. 86

    सिद्धिदाता

    जो सिद्धि और सफलता प्रदान करते हैं।

  87. 87

    अपराजेय

    जिन्हें कोई पराजित नहीं कर सकता।

  88. 88

    परमशांत

    जो परम शांति का स्वरूप हैं।

  89. 89

    चिन्ताहरण

    जो सभी चिंताओं को दूर करते हैं।

  90. 90

    सर्वमंगल

    जो सभी के लिए मंगलकारी हैं।

  91. 91

    नित्यकृपालु

    जो सदैव कृपा करने वाले हैं।

  92. 92

    जगतगुरु

    जो सम्पूर्ण जगत के गुरु हैं।

  93. 93

    शुभाश्रय

    जो शुभता का आश्रय हैं।

  94. 94

    पुण्यदाता

    जो पुण्य और सद्कर्म का फल देते हैं।

  95. 95

    अमरकीर्ति

    जिनकी महिमा अमर और अनंत है।

  96. 96

    दयावतार

    जो दया के अवतार माने जाते हैं।

  97. 97

    अखंडज्योति

    जो सदैव प्रकाशित रहने वाली दिव्य ज्योति हैं।

  98. 98

    विश्ववंद्य

    जिनकी सम्पूर्ण विश्व में पूजा होती है।

  99. 99

    भक्तपालक

    जो भक्तों का पालन और संरक्षण करते हैं।

  100. 100

    मुक्तिदाता

    जो मोक्ष और मुक्ति प्रदान करते हैं।

  101. 101

    आदिशक्ति प्रिय

    जो दिव्य शक्ति के प्रिय स्वरूप हैं।

  102. 102

    अनंतकृपा

    जो अनंत कृपा बरसाने वाले हैं।

  103. 103

    भवबंधनहारी

    जो संसार के बंधनों से मुक्त करते हैं।

  104. 104

    प्रेमसागर

    जो प्रेम और भक्ति के अथाह सागर हैं।

  105. 105

    शुभवर्धन

    जो जीवन में शुभता और समृद्धि बढ़ाते हैं।

  106. 106

    अखिलेश्वर

    जो सम्पूर्ण ब्रह्मांड के ईश्वर हैं।

  107. 107

    भक्तानंद

    जो भक्तों को आनंद और सुख प्रदान करते हैं।

  108. 108

    श्याम कृपालु

    जो अपने भक्तों पर सदैव कृपा बनाए रखते हैं।

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