लड्डू गोपाल कृष्ण जी का प्रिय बाल स्वरूप हैं, जिनकी पूजा सेवा, भोग, आरती और प्रेम से की जाती है।
बालकृष्ण और वात्सल्य-भक्ति
लड्डू गोपाल भगवान कृष्ण के बाल-स्वरूप का प्रिय नाम है। भक्त उनकी दैनिक सेवा में माता-पिता जैसा स्नेह अर्पित करते हैं। सेवा की रीति घर और भक्ति-परम्परा के अनुसार बदलती है।
माखन की लीला
गोपियाँ यशोदा से कृष्ण की बाल-लीलाओं की शिकायत करती हैं। वे बछड़ों को समय से पहले खोल देते हैं, दूध-दही चुरा लेते हैं और बन्दरों को भी खिलाते हैं। इन लीलाओं में ब्रजवासियों के साथ उनका अपनापन झलकता है।
दामोदर लीला
यशोदा कृष्ण को ऊखल से बाँधना चाहती हैं, लेकिन हर बार रस्सी दो अंगुल छोटी रह जाती है। वे और रस्सी जोड़ती हैं, फिर भी उसे बाँध नहीं पातीं। उनका परिश्रम देखकर कृष्ण स्वयं बँधना स्वीकार कर लेते हैं। भक्त इस लीला में यशोदा का वात्सल्य और कृष्ण की करुणा स्मरण करते हैं।

