
लड्डू गोपाल
लड्डू गोपाल कृष्ण जी का प्रिय बाल स्वरूप हैं, जिनकी पूजा सेवा, भोग, आरती और प्रेम से की जाती है।
लड्डू गोपाल मूल मंत्र
ॐ क्लीं कृष्णाय गोविंदाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा
दिन
गुरुवार
रंग
पीला
भोग
माखन मिश्री
पर्व
जन्माष्टमी
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संक्षिप्त तथ्य
स्वरूप
कृष्ण जी का बाल स्वरूप
मुख्य भाव
बाल कृष्ण सेवा, प्रेम, निष्कपटता और दैनिक देखभाल
लड्डू गोपाल की कथा और आध्यात्मिक महत्व
अर्थ, उपासना और उपलब्ध पाठ को समझने के लिए संक्षिप्त परिचय।
लड्डू गोपाल कृष्ण जी का प्रिय बाल स्वरूप हैं, जिनकी पूजा सेवा, भोग, आरती और प्रेम से की जाती है।
बालकृष्ण और वात्सल्य-भक्ति
लड्डू गोपाल भगवान कृष्ण के बाल-स्वरूप का प्रिय नाम है। भक्त उनकी दैनिक सेवा में माता-पिता जैसा स्नेह अर्पित करते हैं। सेवा की रीति घर और भक्ति-परम्परा के अनुसार बदलती है।
माखन की लीला
गोपियाँ यशोदा से कृष्ण की बाल-लीलाओं की शिकायत करती हैं। वे बछड़ों को समय से पहले खोल देते हैं, दूध-दही चुरा लेते हैं और बन्दरों को भी खिलाते हैं। इन लीलाओं में ब्रजवासियों के साथ उनका अपनापन झलकता है।
दामोदर लीला
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