ललिता माता मन्त्र

ललिता माता मन्त्र

सामान्य गृह-पूजा में ललिता माता के सरल मन्त्र श्रद्धा से जपें। पंचदशी और षोडशी जैसे श्रीविद्या मन्त्र योग्य गुरु से दीक्षा के बाद ही साधने चाहिए।

मूल मन्त्र

ॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुर सुन्दर्यै नमः

देवी ललिता की मूल उपासना और सर्वकार्य सिद्धि के लिए

१०८ बार

सरल मन्त्र

ॐ श्री ललिताम्बिकायै नमः

दिव्य माता ललिता के दैनिक स्मरण और आशीर्वाद प्राप्ति के लिए

११ या २१ बार

पञ्चदशी मन्त्र (श्री विद्या)

क ए ई ल ह्रीं | ह स क ह ल ह्रीं | स क ल ह्रीं

श्री विद्या साधना में सर्वोच्च ऐश्वर्य, मोक्ष और आत्मज्ञान की प्राप्ति के लिए

१०८ बार (दीक्षा प्राप्त साधकों हेतु)

ललिता गायत्री मन्त्र

ॐ ललिताम्बिकायै विद्महे | महाराज्ञ्यै धीमहि | तन्नो देवी प्रचोदयात्

बुद्धि, तेज और आत्मशक्ति की वृद्धि तथा माता की कृपा प्राप्ति के लिए

२१ या १०८ बार

ललिता अष्टाक्षर मन्त्र

ॐ ऐं ह्रीं श्रीं ललिताये नमः

सुख, समृद्धि, सौभाग्य और घर में शान्ति की स्थापना के लिए

११, २१ या १०८ बार

मार्गदर्शन

ललिता नामों का पाठ विनम्रता से करें। गुरु-मार्गदर्शन के बिना गोपनीय श्रीविद्या विधियाँ न करें।

पाठ पूर्ण

जब आप तैयार हों, दूसरा पाठ जारी रखें या देवता पेज पर लौटें।

सनातन धर्म का प्रकाश आगे बढ़ाएं

एक साझा किया हुआ पाठ किसी और घर में भक्ति की शुरुआत बन सकता है।