महावीर जाहरवीर जी की पूजा श्रद्धा, विश्वास और सच्ची भक्ति के साथ करने से रक्षा, साहस और कल्याण की प्राप्ति होती है।
तैयारी
प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें
पूजा स्थान को अच्छी तरह साफ और पवित्र करें
महावीर जाहरवीर जी की मूर्ति या चित्र को स्वच्छ आसन पर स्थापित करें
पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें
आवश्यक सामग्री
महावीर जाहरवीर जी की मूर्ति या चित्र
फूल और पुष्पमाला
अगरबत्ती
घी का दीपक
कुमकुम, हल्दी और चंदन
नारियल
फल और मिठाई
दूध और जल
लौंग और इलायची
प्रसाद हेतु चूरमा या मिठाई
संकल्प
शांत मन से बैठकर श्रद्धा पूर्वक पूजा का संकल्प लें
परिवार की रक्षा, सुख और समृद्धि की प्रार्थना करें
ध्यान
नेत्र बंद करके महावीर जाहरवीर जी का स्मरण करें
उनके वीर, तेजस्वी और कृपालु स्वरूप का ध्यान करें
कुछ समय तक मन को एकाग्र रखें
आवाहन
महावीर जाहरवीर जी को पूजा स्वीकार करने हेतु आमंत्रित करें
‘ॐ जाहरवीराय नमः’ मंत्र का 11 या 21 बार जप करें
आसन एवं पाद्य
एक पुष्प अर्पित करके आसन समर्पित करें
स्वागत स्वरूप जल अर्पित करें
स्नान
मूर्ति पर स्वच्छ जल अर्पित करें
इच्छानुसार दूध से स्नान कराकर पुनः जल से शुद्ध करें
अलंकार
चंदन, हल्दी और कुमकुम का तिलक लगाएं
फूलों की माला अर्पित करें
नैवेद्य
फल, मिठाई और चूरमा अर्पित करें
भक्ति भाव से भोग स्वीकार करने की प्रार्थना करें
धूप एवं दीप
अगरबत्ती जलाकर सुगंध अर्पित करें
घी का दीपक प्रज्वलित करें
आरती
महावीर जाहरवीर जी की आरती श्रद्धा से गाएं
दीपक को गोलाकार घुमाकर आरती करें
प्रदक्षिणा
मूर्ति के चारों ओर 1 या 3 बार परिक्रमा करें
प्रणाम
हाथ जोड़कर महावीर जाहरवीर जी को प्रणाम करें
रक्षा, सुख और भय नाश की प्रार्थना करें
प्रसाद वितरण
भोग और प्रसाद सभी भक्तों में बांटें
महत्वपूर्ण निर्देश
महावीर जाहरवीर जी की पूजा में श्रद्धा और विश्वास का विशेष महत्व माना जाता है। भाद्रपद मास और विशेष पर्वों पर पूजा अत्यंत शुभ मानी जाती है। पूजा में विधि से अधिक सच्ची भक्ति और समर्पण का महत्व होता है।

