भगवान नरसिंह देव की पूजा अत्यंत फलदायी और मंगलकारी मानी जाती है। यह पूजा भक्त को भय, संकट और शत्रुओं से मुक्ति दिलाती है। घर पर यह पूजा श्रद्धा, भक्ति और शुद्ध मन से की जानी चाहिए। आडंबर से दूर रहकर सरल और सात्त्विक विधि से की गई पूजा ही भगवान नरसिंह को सर्वाधिक प्रिय होती है।
पूजा का शुभ समय
प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से पूर्व) या सूर्योदय के समय पूजा सर्वोत्तम मानी जाती है
नरसिंह जयंती (वैशाख शुक्ल चतुर्दशी) के दिन विशेष पूजा का विधान है
प्रत्येक चतुर्दशी तिथि को भगवान नरसिंह की पूजा विशेष फलदायी होती है
संध्याकाल में दीप-दर्शन और आरती का भी विशेष महत्व है
तैयारी
पूजा से पूर्व स्नान करें और स्वच्छ पीले या नारंगी वस्त्र धारण करें
पूजा स्थान को गंगाजल या स्वच्छ जल से पवित्र करें
भगवान नरसिंह देव की मूर्ति या चित्र को साफ़ लाल या पीले वस्त्र से ढकी वेदी पर स्थापित करें
पूजा आरंभ करने से पूर्व मन को शांत करें और पवित्र संकल्प लें
समस्त पूजा सामग्री पहले से एकत्र करके थाली में सजाकर रखें
पूजा सामग्री
भगवान नरसिंह देव की मूर्ति या चित्र
घी का दीपक या तिल के तेल का दीपक
चंदन की अगरबत्ती या धूपबत्ती
पीले या नारंगी फूल (गेंदा, कमल या कनेर)
तुलसी दल (भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय)
कुमकुम, हल्दी और अक्षत (साबुत चावल)
पंचामृत — दूध, दही, घी, शहद और शक्कर
चंदन का लेप
नारियल, केला या पीले फल
पीले रंग की मिठाई या हलवा (भोग हेतु)
कलश में गंगाजल या शुद्ध जल
पान, सुपारी और लौंग
पूजा के लिए आसन और आचमनी
पूजा विधि
- 1
आसन पर बैठकर हाथ जोड़ें और 'ॐ नमो नरसिंहाय' का तीन बार उच्चारण कर पूजा का संकल्प लें
- 2
दीपक और अगरबत्ती प्रज्वलित करें और भगवान नरसिंह के समक्ष प्रणाम करें
- 3
कलश के जल से आचमन करें और पूजा स्थल को पवित्र करें
- 4
भगवान की मूर्ति या चित्र को पंचामृत से स्नान कराएँ, फिर शुद्ध जल से अभिषेक करें
- 5
चंदन का लेप लगाएँ, कुमकुम और हल्दी अर्पित करें
- 6
तुलसी दल, पीले फूल और माला अर्पित करें
- 7
अक्षत (चावल) और पान-सुपारी भेंट करें
- 8
नारियल और भोग (हलवा, फल, मिठाई) अर्पित करें
- 9
श्रद्धापूर्वक नरसिंह मंत्र — 'ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्। नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम्॥' — का 108 बार जाप करें
- 10
नरसिंह चालीसा या नरसिंह स्तोत्र का पाठ करें
- 11
घी के दीपक से भगवान नरसिंह की आरती करें
- 12
प्रदक्षिणा (परिक्रमा) करें और साष्टांग प्रणाम करें
- 13
अंत में क्षमा-प्रार्थना करें और प्रसाद परिवार में वितरित करें
विशेष मंत्र
मूल मंत्र — ॐ नमो नरसिंहाय
उग्र मंत्र — ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्। नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम्॥
रक्षा मंत्र — ॐ ह्रीं क्ष्रौं नृसिंहाय नमः
प्रह्लाद कृत मंत्र — नमस्ते नरसिंहाय प्रह्लाद-ह्लाद-दायिने। हिरण्यकशिपोर्वक्षः शिला-टंक नखालये॥
महत्वपूर्ण निर्देश
भगवान नरसिंह देव की पूजा में तुलसी और पीले फूलों का विशेष महत्व है — इन्हें अवश्य अर्पित करें। पूजा के समय मन में किसी के प्रति द्वेष या क्रोध न रखें। घर पर सरल सात्त्विक विधि से की गई पूजा ही सर्वश्रेष्ठ है। किसी विशेष तांत्रिक अनुष्ठान या साधना के लिए योग्य गुरु का मार्गदर्शन आवश्यक है।

