श्री राम जी की पूजा धर्म, शांति, भक्ति, पारिवारिक सद्भाव, साहस और भगवान विष्णु के दिव्य अवतार के आशीर्वाद के लिए की जाती है। भगवान श्रीराम की पूजा सच्चे मन, अनुशासन, पवित्रता और श्रद्धा के साथ करनी चाहिए।
तैयारी
स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें
पूजा स्थान को अच्छी तरह साफ करें
श्री राम जी की मूर्ति या चित्र को स्वच्छ चौकी पर स्थापित करें
यदि संभव हो तो माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी के चित्र भी साथ रखें
पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें
शांत और भक्तिमय वातावरण बनाए रखें
आवश्यक सामग्री
श्री राम जी की मूर्ति या चित्र
पीले या नारंगी फूल
तुलसी पत्र
कुमकुम, हल्दी और चंदन
अक्षत (चावल)
घी का दीपक
अगरबत्ती
कपूर
फल
पंचामृत या दूध
मिठाई या गुड़
जल से भरा कलश
पीला वस्त्र (वैकल्पिक)
मंत्र जाप के लिए माला
संकल्प
शांत मन से हाथ जोड़कर बैठें
भक्ति भाव से श्री राम जी की पूजा करने का संकल्प लें
सत्य, शांति, सुरक्षा, पारिवारिक सुख और आध्यात्मिक उन्नति की प्रार्थना करें
ध्यान
नेत्र बंद करके भगवान श्रीराम का ध्यान करें
धनुष-बाण धारण किए हुए उनके शांत और दिव्य स्वरूप का स्मरण करें
उनके सत्य, कर्तव्य और करुणा के गुणों का मनन करें
आवाहन
भगवान श्रीराम को पूजा स्वीकार करने हेतु आमंत्रित करें
फूल और तुलसी पत्र अर्पित करें
‘ॐ श्री रामाय नमः’ मंत्र का 11 या 21 बार जाप करें
आसन एवं पाद्य
भगवान राम को आसन रूप में पुष्प अर्पित करें
शुद्धि और स्वागत हेतु जल छिड़कें
स्नान
मूर्ति या चित्र पर स्वच्छ जल छिड़कें
इच्छानुसार पंचामृत या दूध अर्पित करें
स्वच्छ कपड़े से धीरे से साफ करें
अलंकार
चंदन और कुमकुम अर्पित करें
फूल, तुलसी पत्र और माला चढ़ाएं
यदि संभव हो तो पीले या भगवा वस्त्र से सजाएं
पुष्पांजलि
हाथ जोड़कर पुष्प अर्पित करें
धर्म, बुद्धि, शक्ति और भक्ति की प्रार्थना करें
नैवेद्य
फल, मिठाई, गुड़, खीर या सात्विक भोजन अर्पित करें
भगवान श्रीराम से भोग स्वीकार करने की प्रार्थना करें
धूप एवं दीप
अगरबत्ती जलाएं
घी का दीपक प्रज्वलित करें
यदि उपलब्ध हो तो कपूर अर्पित करें
मंत्र जाप
‘श्री राम जय राम जय जय राम’ मंत्र का 11, 21 या 108 बार जाप करें
संभव हो तो राम रक्षा स्तोत्र, रामचरितमानस या श्री राम आरती का पाठ करें
आरती
भक्ति भाव से श्री राम जी की आरती करें
दीपक को गोलाकार घुमाकर आरती करें
प्रदक्षिणा
मूर्ति या पूजा स्थान की 1 या 3 बार परिक्रमा करें
प्रणाम
भगवान श्रीराम को प्रणाम करें
शांति, सत्य, सुरक्षा, सफलता और भक्ति का आशीर्वाद प्राप्त करें
प्रसाद वितरण
मिठाई, फल और प्रसाद परिवार एवं भक्तों में वितरित करें
महत्वपूर्ण निर्देश
राम नवमी, मंगलवार, गुरुवार और दीपावली श्री राम जी की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं। रामचरितमानस का पाठ और राम नाम का जाप मन की शांति और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करता है। श्री राम जी की पूजा में सादगी, सत्य और भक्ति का विशेष महत्व माना जाता है।

