राम जी

राम जी

मिथिला में राम शिव के महान धनुष को उठाते हैं। सभा के लोगों के सामने वे उस पर प्रत्यंचा चढ़ाकर उसे खींचते हैं।

राम तारक मंत्र

श्री राम जय राम जय जय राम

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राम नवमी

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राम जी की कथा और आध्यात्मिक महत्व

अर्थ, उपासना और उपलब्ध पाठ को समझने के लिए संक्षिप्त परिचय।

मिथिला में राम शिव के महान धनुष को उठाते हैं। सभा के लोगों के सामने वे उस पर प्रत्यंचा चढ़ाकर उसे खींचते हैं।

मिथिला में धनुष-भंग

मिथिला में राम शिव के महान धनुष को उठाते हैं। सभा के लोगों के सामने वे उस पर प्रत्यंचा चढ़ाकर उसे खींचते हैं।
धनुष बीच से टूट जाता है। उसकी ध्वनि वज्रपात के समान गूँजती है और धरती काँप उठती है। सभा राम के पराक्रम को देखकर विस्मित होती है।

सनातन धर्म का प्रकाश आगे बढ़ाएं

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