साईं बाबा की पूजा श्रद्धा, सबूरी और सच्चे मन से की जाए तो जीवन में शांति, सुख और कृपा की प्राप्ति होती है।
तैयारी
स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें
पूजा स्थान को अच्छी तरह साफ करें
साईं बाबा की मूर्ति या चित्र को स्वच्छ आसन पर स्थापित करें
पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें
आवश्यक सामग्री
साईं बाबा की मूर्ति या चित्र
सफेद या पीले फूल
अगरबत्ती
घी या तेल का दीपक
चंदन और कुमकुम
फल
मिठाई या बताशे
जल पात्र
नारियल (वैकल्पिक)
उदी या भस्म
संकल्प
शांत मन से बैठकर श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा का संकल्प लें
परिवार की सुख-शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की प्रार्थना करें
ध्यान
नेत्र बंद करके साईं बाबा का स्मरण करें
उनके शांत, करुणामय और दिव्य स्वरूप का ध्यान करें
कुछ मिनट तक मन को एकाग्र करें
आवाहन
साईं बाबा को पूजा स्वीकार करने हेतु आमंत्रित करें
‘ॐ साईं राम’ मंत्र का 11 या 21 बार जप करें
आसन एवं पाद्य
आसन रूप में पुष्प अर्पित करें
स्वागत हेतु जल अर्पित करें
स्नान
मूर्ति पर स्वच्छ जल अर्पित करें
इच्छानुसार दूध से स्नान कराकर पुनः जल से शुद्ध करें
अलंकार
चंदन और कुमकुम का तिलक लगाएं
फूल और माला अर्पित करें
नैवेद्य
फल, मिठाई और बताशे अर्पित करें
भक्ति भाव से भोग स्वीकार करने की प्रार्थना करें
धूप एवं दीप
अगरबत्ती जलाएं
दीपक प्रज्वलित करें
आरती
‘आरती श्री साईं गुरु वर की’ या ‘साईं बाबा की आरती’ गाएं
दीपक को गोलाकार घुमाकर आरती करें
प्रदक्षिणा
मूर्ति के चारों ओर 1 या 3 बार परिक्रमा करें
प्रणाम
साईं बाबा को नमस्कार करके आशीर्वाद प्राप्त करें
श्रद्धा, सबूरी और कृपा की प्रार्थना करें
प्रसाद वितरण
मिठाई और फल प्रसाद रूप में सभी में बांटें
महत्वपूर्ण निर्देश
साईं बाबा की पूजा में श्रद्धा और सबूरी का विशेष महत्व माना जाता है। गुरुवार का दिन साईं पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। पूजा में बाहरी विधि से अधिक सच्चे मन, सेवा और भक्ति का महत्व होता है।

