
साईं बाबा
साईं बाबा शाम को दीपक जलाने के लिए दुकानदारों से तेल लेते थे। एक दिन दुकानदारों ने मिलकर तेल देने से मना कर दिया। बाबा मस्जिद लौट आए और दीपकों में सूखी बत्तियाँ रखीं।
साईं बाबा मूल मंत्र
ॐ साईं नमः
दिन
गुरुवार
रंग
श्वेत
भोग
फल
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साईं बाबा की कथा और आध्यात्मिक महत्व
अर्थ, उपासना और उपलब्ध पाठ को समझने के लिए संक्षिप्त परिचय।
साईं बाबा शाम को दीपक जलाने के लिए दुकानदारों से तेल लेते थे। एक दिन दुकानदारों ने मिलकर तेल देने से मना कर दिया। बाबा मस्जिद लौट आए और दीपकों में सूखी बत्तियाँ रखीं।
पानी से जलते दीपक
साईं बाबा शाम को दीपक जलाने के लिए दुकानदारों से तेल लेते थे। एक दिन दुकानदारों ने मिलकर तेल देने से मना कर दिया। बाबा मस्जिद लौट आए और दीपकों में सूखी बत्तियाँ रखीं।
कथा में बाबा पानी भरकर दीपक जलाते हैं और वे रात भर जलते रहते हैं। यह देखकर दुकानदारों को पछतावा होता है। वे क्षमा माँगते हैं। बाबा उन्हें क्षमा करके आगे सच्चाई से रहने को कहते हैं।
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