साईं बाबा शाम को दीपक जलाने के लिए दुकानदारों से तेल लेते थे। एक दिन दुकानदारों ने मिलकर तेल देने से मना कर दिया। बाबा मस्जिद लौट आए और दीपकों में सूखी बत्तियाँ रखीं।
पानी से जलते दीपक
साईं बाबा शाम को दीपक जलाने के लिए दुकानदारों से तेल लेते थे। एक दिन दुकानदारों ने मिलकर तेल देने से मना कर दिया। बाबा मस्जिद लौट आए और दीपकों में सूखी बत्तियाँ रखीं।
कथा में बाबा पानी भरकर दीपक जलाते हैं और वे रात भर जलते रहते हैं। यह देखकर दुकानदारों को पछतावा होता है। वे क्षमा माँगते हैं। बाबा उन्हें क्षमा करके आगे सच्चाई से रहने को कहते हैं।

