शीतला माता मन्त्र

शीतला माता मन्त्र

शीतला मन्त्र प्रायः स्वच्छ और शान्त वातावरण में, विशेषतः प्रातःकाल जपे जाते हैं। भक्त परिवार की कुशलता, मन की शान्ति और बच्चों की रक्षा की प्रार्थना करते हैं।

सरल शीतला मन्त्र

ॐ शीतलायै नमः

शीतला माता के दैनिक स्मरण और शान्ति प्राप्ति के लिए

108 बार

शीतला मूल मन्त्र

ॐ ह्रीं श्रीं शीतलायै नमः

रोग निवारण, चेचक और त्वचा रोगों से रक्षा तथा माता की कृपा प्राप्ति के लिए

108 बार

शीतला गायत्री मन्त्र

ॐ शीतलायै विद्महे, सर्वरोगनाशिन्यै धीमहि, तन्नो देवी प्रचोदयात्

आरोग्य, आत्मिक शुद्धि और बुद्धि की जागृति के लिए

108 बार

शीतला रक्षा मन्त्र

ॐ ह्रीं क्लीं श्रीं शीतलादेव्यै स्वाहा

बच्चों की रक्षा, संक्रामक रोगों से बचाव और परिवार की सुरक्षा के लिए

108 बार

शीतला स्तुति मन्त्र

वन्दे अहं शीतलां देवीं, रासभस्थां दिगम्बराम्। मार्जनीकलशोपेतां, शूर्पालंकृतमस्तकाम्॥

शीतला माता की विशेष पूजा, अष्टमी व्रत और रोगमुक्ति की प्रार्थना के लिए

21 बार

मार्गदर्शन

मन्त्र-जप श्रद्धा से करें, किन्तु रोग की अवस्था में उचित चिकित्सा और देखभाल की उपेक्षा न करें।

पाठ पूर्ण

जब आप तैयार हों, दूसरा पाठ जारी रखें या देवता पेज पर लौटें।

सनातन धर्म का प्रकाश आगे बढ़ाएं

एक साझा किया हुआ पाठ किसी और घर में भक्ति की शुरुआत बन सकता है।