तुलसी मन्त्र प्रायः प्रातःकाल तुलसी को जल अर्पित करते समय, परिक्रमा के समय या भगवान विष्णु/कृष्ण को तुलसीदल अर्पित करते समय जपे जाते हैं।
सरल तुलसी मन्त्र
ॐ सुभद्राय नम:
तुलसी माता के दैनिक पूजन के लिए
११ या २१ बार
तुलसी स्तुति मन्त्र
ॐ वृन्दायै तुलसीदेव्यै प्रियायै केशवस्य च। विष्णुभक्ति प्रदे देवि सत्यवत्यै नमो नमः॥
विष्णु-भक्ति और कृपा के लिए
१, ३ या ११ बार
तुलसी गायत्री
ॐ तुलस्यै विद्महे विष्णुप्रियायै धीमहि तन्नो वृन्दा प्रचोदयात्
पवित्रता, भक्ति और साधना-नियम के लिए
११ या २१ बार
मार्गदर्शन
यदि सम्भव हो तो तुलसी के समीप बैठकर जप करें। जल अर्पण धीरे करें और पत्तों को असावधानी से न छुएँ।

