श्री वैष्णो देवी पूजा सुरक्षा, समृद्धि, आध्यात्मिक शक्ति, मनोकामना पूर्ति, शांति और माँ शक्ति के आशीर्वाद के लिए की जाती है। माता वैष्णो देवी को महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती का संयुक्त स्वरूप माना जाता है।
तैयारी
सुबह जल्दी स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें
पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें
वैष्णो देवी की प्रतिमा या चित्र को स्वच्छ स्थान पर स्थापित करें
मंदिर/वेदी को लाल कपड़े और फूलों से सजाएँ
पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें
शांत और भक्ति-पूर्ण वातावरण बनाए रखें
आवश्यक सामग्री (सामग्री)
वैष्णो देवी की प्रतिमा या चित्र
लाल फूल
कुमकुम और हल्दी
चंदन का लेप
अक्षत (चावल)
अगरबत्ती
घी का दीपक
कपूर
नारियल
फल
मिठाई या हलवा
लाल चुनरी
पान के पत्ते और सुपारी (वैकल्पिक)
गंगाजल या शुद्ध जल
संकल्प
शांत मन से हाथ जोड़कर बैठें
भक्ति के साथ वैष्णो देवी पूजा करने का संकल्प लें
सुरक्षा, समृद्धि, शांति और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करें
ध्यान
आँखें बंद करके माँ वैष्णो देवी का ध्यान करें
दिव्य माता के तेजस्वी स्वरूप की कल्पना करें
श्रद्धा और भक्ति के साथ मन को एकाग्र करें
आवाहन
वैष्णो देवी को पूजा स्वीकार करने हेतु आमंत्रित करें
श्रद्धा से फूल और अक्षत अर्पित करें
'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं वैष्णो देव्यै नमः' मंत्र का 11 या 21 बार जप करें
आसन एवं पाद्य
फूलों को प्रतीकात्मक आसन के रूप में अर्पित करें
गंगाजल या शुद्ध जल से शुद्धिकरण करें
स्नान (अभिषेक)
प्रतिमा या चित्र पर गंगाजल या स्वच्छ जल अर्पित करें
इच्छानुसार पंचामृत से स्नान कराकर फिर जल से शुद्ध करें
अलंकार
कुमकुम, हल्दी और चंदन लगाएँ
लाल फूल अर्पित करें और चुनरी से सजाएँ
श्रद्धा और सम्मान के साथ देवी का श्रृंगार करें
पुष्पांजलि
हाथ जोड़कर फूल अर्पित करें
सुरक्षा, सफलता, साहस और सुख की प्रार्थना करें
नैवेद्य (भोग)
फल, मिठाई, हलवा और नारियल अर्पित करें
माता से प्रार्थना करें कि वह प्रसाद को स्वीकार करें और आशीर्वाद दें
धूप एवं दीप
अगरबत्ती जलाएँ
घी का दीपक जलाएँ
यदि संभव हो तो कपूर आरती करें
मंत्र जप
'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे' मंत्र का 11, 21 या 108 बार जप करें
संभव हो तो वैष्णो देवी चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ करें
आरती
श्रद्धा से वैष्णो देवी की आरती करें
दीपक को गोलाकार घुमाएँ
'जय माता दी' का जयकारा लगाएँ
प्रदक्षिणा
पूजा स्थल की 1 या 3 बार परिक्रमा करें
प्रणाम (अंतिम प्रार्थना)
वैष्णो देवी को प्रणाम करें
सुरक्षा, समृद्धि, शांति और आध्यात्मिक शक्ति के लिए आशीर्वाद माँगें
प्रसाद वितरण
मिठाई, नारियल और फल परिवार के सदस्यों में प्रसाद रूप में बाँटें
महत्वपूर्ण निर्देश
नवरात्रि, शुक्रवार, मंगलवार और अष्टमी वैष्णो देवी पूजा के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं। कटरा (जम्मू-कश्मीर) स्थित वैष्णो देवी भवन भारत के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है। श्रद्धा, पवित्रता और सच्ची भक्ति के साथ पूजा करना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।

