
वैष्णो देवी
भण्डारे से माता के चले जाने पर पण्डित श्रीधर उनके दर्शन के लिए व्याकुल होते हैं। माता स्वप्न में उन्हें त्रिकूट पर्वत की गुफा तक पहुँचने का मार्ग दिखाती हैं और उपवास छोड़ने को कहती हैं।
सरल नमस्कार मन्त्र
ॐ श्री वैष्णो देव्यै नमः
दिन
शुक्रवार
रंग
लाल
भोग
हलवा
पर्व
नवरात्रि
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वैष्णो देवी की कथा और आध्यात्मिक महत्व
अर्थ, उपासना और उपलब्ध पाठ को समझने के लिए संक्षिप्त परिचय।
भण्डारे से माता के चले जाने पर पण्डित श्रीधर उनके दर्शन के लिए व्याकुल होते हैं। माता स्वप्न में उन्हें त्रिकूट पर्वत की गुफा तक पहुँचने का मार्ग दिखाती हैं और उपवास छोड़ने को कहती हैं।
श्रीधर और पवित्र गुफा
भण्डारे से माता के चले जाने पर पण्डित श्रीधर उनके दर्शन के लिए व्याकुल होते हैं। माता स्वप्न में उन्हें त्रिकूट पर्वत की गुफा तक पहुँचने का मार्ग दिखाती हैं और उपवास छोड़ने को कहती हैं।
श्रीधर पर्वतों में खोजते हुए गुफा तक पहुँचते हैं। वहाँ उन्हें तीन पिण्डियों के दर्शन होते हैं। माता उन्हें अपना स्वरूप समझाती हैं और पूजा का अधिकार देती हैं। श्रीधर अपना जीवन उसी गुफा में माता की सेवा में बिताते हैं।
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