भगवान वेंकटेश्वर बालाजी के मंत्र अत्यंत शक्तिशाली और कल्याणकारी हैं। इन मंत्रों का जप शुद्ध मन, स्थिर आसन और एकाग्र भाव से करने पर प्रभु की असीम कृपा प्राप्त होती है। जप से पूर्व स्नान करें, तुलसी माला या रुद्राक्ष माला लें और मन को प्रभु के श्री चरणों में समर्पित करें।
वेंकटेश मूल मंत्र
ॐ नमो वेंकटेशाय
दैनिक स्मरण, समर्पण और आत्मशांति हेतु
11, 21 या 108
श्रीनिवास मंत्र
ॐ श्रीनिवासाय नमः
पारिवारिक कल्याण, शांति और समृद्धि हेतु
21 या 108
गोविंदा नाम जप
गोविंदा गोविंदा गोविंदा
सरल भक्ति, मन की स्थिरता और संकट निवारण हेतु
श्रद्धानुसार
वासुदेव द्वादशाक्षर मंत्र
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
विष्णु भक्ति, रक्षा और मोक्ष प्राप्ति हेतु
108
वेंकटेश गायत्री मंत्र
ॐ निरंजनाय विद्महे निराभासाय धीमहि।तन्नो वेंकटेशः प्रचोदयात्॥
बुद्धि, विवेक और आध्यात्मिक उन्नति हेतु
21 या 108
तिरुपति बालाजी अष्टाक्षर मंत्र
ॐ नमो नारायणाय
नित्य पूजा, रक्षा कवच और सर्वकार्य सिद्धि हेतु
8, 21 या 108
वेंकटेश ऋण मोचन मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं वेंकटेशाय नमः।सर्वऋण विमोचनाय सर्वसमृद्धि प्रदाय नमः॥
ऋण मुक्ति, आर्थिक संकट निवारण और धन प्राप्ति हेतु
21 या 108
लक्ष्मी वेंकटेश मंत्र
ॐ श्रीं लक्ष्मी वेंकटेशाय नमः।धन धान्य समृद्धि देहि देहि स्वाहा॥
सुख, समृद्धि, धन वृद्धि और पारिवारिक सौभाग्य हेतु
21 या 108
वेंकटेश शरणागति मंत्र
श्रीमन् नारायण नारायण नारायण।श्री वेंकटेश शरणं शरणं शरणम्॥
पूर्ण समर्पण, भयनाश और आत्मबल प्राप्ति हेतु
11 या 21
वेंकटेश मोक्ष मंत्र
ॐ वेंकटेशाय नमः।भव बंधन विमोचनाय मुक्तिदाय नमो नमः॥
संसार बंधन से मुक्ति और परमगति प्राप्ति हेतु
21 या 108
मार्गदर्शन
जप में गति से अधिक सच्ची भावना आवश्यक है। तुलसी या रुद्राक्ष माला से जप करना सर्वोत्तम है। प्रतिदिन प्रातःकाल या संध्याकाल में जप करें और अपनी समस्त चिंताएँ प्रभु बालाजी के श्री चरणों में अर्पित कर दें। सच्ची भक्ति और ईमानदार कर्तव्यनिष्ठा ही प्रभु को सर्वाधिक प्रिय है।

