
श्री वेंकटेश्वर बालाजी
तिरुमला में भगवान वेंकटेश्वर को श्रीनिवास के नाम से भी स्मरण किया जाता है। श्रीनिवास और पद्मावती के विवाह की कथा यहाँ की भक्ति-परम्परा से जुड़ी है।
वेंकटेश मूल मंत्र
ॐ नमो वेंकटेशाय
दिन
गुरुवार
रंग
पीला
भोग
पंचामृत
पर्व
वैकुंठ एकादशी
तिरुपति ब्रह्मोत्सव
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श्री वेंकटेश्वर बालाजी की कथा और आध्यात्मिक महत्व
अर्थ, उपासना और उपलब्ध पाठ को समझने के लिए संक्षिप्त परिचय।
तिरुमला में भगवान वेंकटेश्वर को श्रीनिवास के नाम से भी स्मरण किया जाता है। श्रीनिवास और पद्मावती के विवाह की कथा यहाँ की भक्ति-परम्परा से जुड़ी है।
श्रीनिवास और पद्मावती
तिरुमला में भगवान वेंकटेश्वर को श्रीनिवास के नाम से भी स्मरण किया जाता है। श्रीनिवास और पद्मावती के विवाह की कथा यहाँ की भक्ति-परम्परा से जुड़ी है।
वकुला देवी, पद्मावती के पिता आकाशराज के पास विवाह का प्रस्ताव लेकर जाती हैं। प्रस्ताव स्वीकार होने पर विवाह की तैयारियाँ होती हैं। कथा में विवाह के व्यय के लिए श्रीनिवास के कुबेर से ऋण लेने का प्रसंग भी आता है।
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