108 नाम
भगवान वेंकटेश्वर बालाजी के चयनित भक्तिपूर्ण नाम और सरल अर्थ।
- 1
वेंकटेश्वर
पवित्र वेंकट पर्वत के स्वामी
- 2
बालाजी
प्रिय और कृपालु बाल रूप प्रभु
- 3
श्रीनिवास
माता लक्ष्मी का निवास स्थान
- 4
वेंकटाचलपति
वेंकटाचल पर्वत के स्वामी
- 5
गोविंदा
गौ और वेदों के रक्षक प्रभु
- 6
नारायण
समस्त जीवों के परम आश्रय
- 7
विष्णु
सर्वव्यापी जगत पालनकर्ता
- 8
हरि
दुख और पाप हरने वाले प्रभु
- 9
केशव
सुंदर केशों वाले तेजस्वी प्रभु
- 10
माधव
माता लक्ष्मी के प्रिय पति
- 11
लक्ष्मीपति
देवी लक्ष्मी के स्वामी
- 12
पद्मावती वल्लभ
देवी पद्मावती के प्रियतम
- 13
तिरुमलेश
तिरुमला पर्वत के स्वामी
- 14
तिरुपतिनाथ
तिरुपति तीर्थ के परम प्रभु
- 15
शेषाद्रि निवासी
शेषाद्रि पर्वत पर विराजमान प्रभु
- 16
वेंकटरमण
वेंकट पर्वत पर आनंद देने वाले
- 17
गोविंदराज
गोविंदों के राजाधिराज प्रभु
- 18
चक्रधारी
सुदर्शन चक्र धारण करने वाले
- 19
शंखपाणि
पांचजन्य शंख धारण करने वाले
- 20
गदाधर
कौमोदकी गदा धारण करने वाले
- 21
पद्मनाभ
नाभि से कमल उत्पन्न करने वाले
- 22
पुरुषोत्तम
समस्त पुरुषों में सर्वश्रेष्ठ
- 23
अच्युत
अटल अविनाशी नित्य प्रभु
- 24
अनंत
असीम और अनंत स्वरूप प्रभु
- 25
जनार्दन
जनता की पीड़ा हरने वाले
- 26
वैकुंठनाथ
वैकुंठ धाम के परम स्वामी
- 27
भक्तवत्सल
भक्तों से अत्यंत प्रेम करने वाले
- 28
शरणागत पालक
शरण में आए भक्तों के रक्षक
- 29
कलियुगवरद
कलियुग में वरदान देने वाले
- 30
अभयप्रद
भक्तों को अभय देने वाले प्रभु
- 31
त्रिभुवनपति
तीनों लोकों के परम स्वामी
- 32
सप्तगिरीश
सात पर्वतों के अधीश्वर प्रभु
- 33
जगन्नाथ
जगत के नाथ एवं स्वामी
- 34
विश्वरूप
विश्व के रूप में विराजमान
- 35
विश्वंभर
समस्त विश्व का भरण-पोषण करने वाले
- 36
जगद्रक्षक
जगत की रक्षा करने वाले प्रभु
- 37
करुणासागर
करुणा के अगाध सागर
- 38
दयानिधि
दया का अमूल्य भंडार
- 39
कृपाकर
सदा कृपा बरसाने वाले प्रभु
- 40
मनोकामना पूरक
सभी मनोकामनाएँ पूर्ण करने वाले
- 41
मुक्तिदाता
मोक्ष प्रदान करने वाले प्रभु
- 42
वरदराज
वरदान देने वालों के राजा
- 43
सर्वपालक
सभी प्राणियों के पालनकर्ता
- 44
सर्वेश्वर
सभी का ईश्वर और स्वामी
- 45
परमात्मा
परम आत्मा स्वरूप प्रभु
- 46
परमेश्वर
सर्वोच्च ईश्वर वेंकटेश्वर
- 47
परब्रह्म
परब्रह्म के साकार स्वरूप
- 48
श्रीपति
देवी श्री के परम प्रिय पति
- 49
लक्ष्मीकांत
लक्ष्मी जी के प्रिय प्रभु
- 50
कमलाकांत
देवी कमला के प्रियतम
- 51
रमापति
देवी रमा के परम स्वामी
- 52
पीतांबरधारी
पीले वस्त्र धारण करने वाले
- 53
श्रीवत्सांकित
वक्षस्थल पर श्रीवत्स चिह्न वाले
- 54
कौस्तुभभूषण
कौस्तुभ मणि से सुशोभित प्रभु
- 55
वनमाली
वनफूलों की माला पहनने वाले
- 56
चतुर्भुज
चार दिव्य भुजाओं वाले प्रभु
- 57
विराट स्वरूप
विराट और महाकाय रूप धारण करने वाले
- 58
दिव्यतेजस्वी
दिव्य तेज से प्रकाशमान प्रभु
- 59
अलमेलू मंगेश
देवी अलमेलू मंगा के प्रिय पति
- 60
भूपति
पृथ्वी के परम स्वामी प्रभु
- 61
भूदेवीपति
देवी भूदेवी के स्वामी
- 62
सर्वलोकेश
समस्त लोकों के अधिपति
- 63
देवाधिदेव
देवताओं के भी देव
- 64
देवेश
देवताओं के ईश्वर प्रभु
- 65
देवप्रिय
देवताओं को प्रिय लगने वाले
- 66
त्रिविक्रम
तीन पगों में ब्रह्मांड नापने वाले
- 67
विश्वकर्मप्रभु
जगत की रचना के प्रेरक प्रभु
- 68
यज्ञभोक्ता
यज्ञ के फल ग्रहण करने वाले
- 69
यज्ञपुरुष
यज्ञ के रूप में विद्यमान प्रभु
- 70
हवनप्रिय
हवन से प्रसन्न होने वाले प्रभु
- 71
शेषशायी
शेषनाग पर विश्राम करने वाले
- 72
अनंतशयन
अनंत पर शयन करने वाले
- 73
क्षीराब्धिनाथ
क्षीरसागर के स्वामी प्रभु
- 74
योगनिद्रापति
योगनिद्रा में विराजमान प्रभु
- 75
ब्रह्मांडनायक
ब्रह्मांड के परम नायक
- 76
सर्वज्ञ
सब कुछ जानने वाले सर्वज्ञ
- 77
सर्वशक्तिमान
अपार शक्तिसंपन्न परम प्रभु
- 78
सर्वव्यापी
सर्वत्र व्याप्त रहने वाले प्रभु
- 79
अंतर्यामी
हर प्राणी के भीतर विराजमान
- 80
अजन्मा
जन्म-मृत्यु से परे प्रभु
- 81
अज
जन्म न लेने वाले नित्य प्रभु
- 82
अव्यय
कभी क्षय न होने वाले प्रभु
- 83
अमर
मृत्यु से परे अमर प्रभु
- 84
अजेय
कभी पराजित न होने वाले
- 85
शाश्वत
सदा विद्यमान शाश्वत प्रभु
- 86
सनातन
अनादि और सनातन स्वरूप
- 87
तारकब्रह्म
भवसागर से तारने वाले ब्रह्म
- 88
भयनाशन
समस्त भय नष्ट करने वाले
- 89
पापनाशन
सभी पापों का नाश करने वाले
- 90
दुःखहर्ता
भक्तों के दुःख हरने वाले
- 91
संकटमोचन
संकट से मुक्ति दिलाने वाले
- 92
ऋणमोचन
ऋण और बंधन से मुक्त करने वाले
- 93
धनदाता
धन और समृद्धि प्रदान करने वाले
- 94
आरोग्यप्रद
स्वास्थ्य और आरोग्य देने वाले
- 95
संतानप्रद
संतान का वरदान देने वाले
- 96
विद्याप्रद
विद्या और बुद्धि प्रदान करने वाले
- 97
यशोदाता
कीर्ति और यश देने वाले प्रभु
- 98
प्रेममूर्ति
प्रेम की साक्षात मूर्ति प्रभु
- 99
आनंदस्वरूप
आनंद के साकार स्वरूप
- 100
सच्चिदानंद
सत् चित् और आनंद स्वरूप
- 101
जगद्गुरु
समस्त जगत के परम गुरु
- 102
योगेश्वर
योग और ध्यान के ईश्वर
- 103
भक्तिगम्य
भक्ति से प्राप्त होने वाले प्रभु
- 104
प्रपत्तिप्रिय
शरणागति से प्रसन्न होने वाले
- 105
कलुषनाशन
कलियुग के कलुष दूर करने वाले
- 106
विमुक्तिदाता
संसार बंधन से मुक्त करने वाले
- 107
दीनबंधु
दीन-दुखियों के बंधु प्रभु
- 108
श्री वेंकटेशाय नमः
सकल कल्याणकारी श्री वेंकटेश प्रभु को नमन

