भैरव मन्त्र सम्मान और आत्म-संयम के साथ जपें। साधना को स्वच्छ, अनुशासित और अहितकारी संकल्प से मुक्त रखें।
काल भैरव मन्त्र
ॐ कालभैरवाय नमः
रक्षा, साहस और समय-अनुशासन के लिए
११ या २१ बार
भैरव बीज मन्त्र
ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं
संकट निवारण, भय दूर करने और सुरक्षा के लिए
१०८ बार
बटुक भैरव मन्त्र
ॐ बटुक भैरवाय नमः
दैनिक रक्षा, सकारात्मक ऊर्जा और बाधा नाश के लिए
११ या २१ बार
कालभैरव गायत्री मन्त्र
ॐ कालकालाय विद्महे कालतीताय धीमहि तन्नो भैरवः प्रचोदयात्
आध्यात्मिक शक्ति, बुद्धि और निर्भयता के लिए
२१ या १०८ बार
भैरव रक्षा मन्त्र
ॐ भयहरणं च भैरवम्
नकारात्मक शक्तियों, भय और अशांति से रक्षा के लिए
५१ या १०८ बार
मार्गदर्शन
भैरव की क्षेत्रीय प्रथाएँ अलग-अलग हैं। गृह-पूजन के लिए सरल मन्त्र, दीपक, प्रसाद और करुणामय आचरण सबसे सुरक्षित हैं।

