हनुमान जी की पूजा सबसे अधिक प्रभावी तब होती है जब इसे पवित्रता और सरलता के साथ, पूर्ण भक्ति भाव से घर पर किया जाए।
तैयारी
सुबह जल्दी उठें (विशेषकर मंगलवार या शनिवार को)
स्नान करके स्वच्छ/नए वस्त्र पहनें (लाल या नारंगी रंग शुभ माने जाते हैं)
पूजा स्थान की सफाई करें
हनुमान जी की मूर्ति या चित्र को पूर्व दिशा की ओर स्थापित करें
पूजा सामग्री
सिंदूर (वर्मिलियन)
चमेली का तेल
लाल फूल
अगरबत्ती
दीपक (तेल या घी का दीप)
पान के पत्ते
गुड़ और चना
केला या अन्य फल
तुलसी के पत्ते (वैकल्पिक)
हनुमान चालीसा की पुस्तक
संकल्प
- 1
मूर्ति के सामने बैठकर संकल्प लें
- 2
आँखें बंद करें
- 3
मन से शक्ति, साहस और सुरक्षा की प्रार्थना करें
आवाहन
- 1
दीपक और अगरबत्ती जलाएँ और मंत्र जप करें
- 2
ॐ श्री हनुमते नमः
पूजा विधि
- 1
चमेली के तेल में मिला हुआ सिंदूर हनुमान जी को अर्पित करें
- 2
लाल फूल और माला चढ़ाएँ
- 3
गुड़ और चना अर्पित करें
- 4
फल और पान अर्पित करें
महत्वपूर्ण
सिंदूर अर्पण बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इससे हनुमान जी शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
मंत्र जप और पाठ
- 1
निम्न में से कोई भी या सभी का पाठ करें
- 2
हनुमान चालीसा (कम से कम 1 बार, बेहतर 7 या 11 बार)
- 3
बजरंग बाण
- 4
हनुमान अष्टक
आरती
- 1
दीपक से आरती करें
- 2
हनुमान जी की आरती गाएँ
- 3
आरती के समय घंटी बजाएँ
प्रसाद वितरण
- 1
पहले प्रसाद हनुमान जी को अर्पित करें
- 2
फिर परिवार में वितरित करें
महत्वपूर्ण नियम
स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखें
पूजा के दिन मांसाहार से बचें
ब्रह्मचर्य (संयम) का पालन करें
श्रेष्ठ दिन: मंगलवार और शनिवार
व्रत में नमक का सेवन न करें (यदि उपवास कर रहे हों)

