हनुमान जी

हनुमान जी

लंका में सीता को विश्वास दिलाने के लिए हनुमान अपना परिचय राम के दूत के रूप में देते हैं। वे उन्हें राम के नाम वाली मुद्रिका दिखाते हैं।

हनुमान जी अष्टक (प्रारंभिक पंक्ति मंत्र)

बाल समय रवि भक्षी लियो तब,तीनहु लोक भयो अंधियारो|

दिन

मंगलवार

रंग

सिंदूरी

भोग

बूंदी

पर्व

हनुमान जयंती

हनुमान जी की कथा और आध्यात्मिक महत्व

अर्थ, उपासना और उपलब्ध पाठ को समझने के लिए संक्षिप्त परिचय।

लंका में सीता को विश्वास दिलाने के लिए हनुमान अपना परिचय राम के दूत के रूप में देते हैं। वे उन्हें राम के नाम वाली मुद्रिका दिखाते हैं।

हनुमान और राम की मुद्रिका

लंका में सीता को विश्वास दिलाने के लिए हनुमान अपना परिचय राम के दूत के रूप में देते हैं। वे उन्हें राम के नाम वाली मुद्रिका दिखाते हैं।
मुद्रिका पहचानकर सीता प्रसन्न होती हैं। हनुमान उन्हें धैर्य देते हैं और राम के आने का आश्वासन देते हैं। इस भेंट से सीता तक राम का सन्देश पहुँचता है।

सनातन धर्म का प्रकाश आगे बढ़ाएं

एक साझा किया हुआ पाठ किसी और घर में भक्ति की शुरुआत बन सकता है।