हनुमान जी के मंत्रों का जप करते समय नियमित लय और सम्मानपूर्वक सही उच्चारण बनाए रखना चाहिए।
हनुमान जी अष्टक (प्रारंभिक पंक्ति मंत्र)
बाल समय रवि भक्षी लियो तब,तीनहु लोक भयो अंधियारो|
कष्टों और भय से मुक्ति के लिए
पूरा अष्टक 1 या 3 बार करें
हनुमान जी बजरंग बाण (शक्तिशाली प्रार्थना) मंत्र (प्रारंभिक पंक्ति)
निश्चय प्रेम प्रतीत ते,विनय करे सम्मान|
गंभीर समस्याओं में तुरंत सहायता के लिए
1 बार (अत्यधिक बार न करें)
हनुमान जी मूल मंत्र
ॐ श्री हनुमते नमः|
सामान्य सुरक्षा, शक्ति और सकारात्मकता के लिए
प्रतिदिन 108 बार या न्यूनतम 11 या 21 बार
हनुमान जी बीज मंत्र
ॐ ऐं भ्रीं हनुमते,श्री राम दूताय नमः|
बाधाओं को दूर करता है, साहस और सफलता प्रदान करता है
प्रतिदिन 108 बार और विशेष कामनाओं के लिए 1008 बार
हनुमान जी गायत्री मंत्र
ॐ अंजनेयाय विद्महे वायु पुत्राय धीमहि|तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्||
बुद्धि, ज्ञान और आध्यात्मिक उन्नति के लिए
11, 21 या 108 बार
हनुमान जी संकट मोचन मंत्र
ॐ नमो भगवते हनुमते नमः|
कठिनाइयों और नकारात्मक ऊर्जाओं को दूर करने के लिए
प्रतिदिन 108 बार
राम नाम (बहुत महत्वपूर्ण)
श्री राम जय राम जय जय राम|
यह हनुमान जी को अत्यंत प्रिय है, शांति और भक्ति प्रदान करता है
108 या 1008 बार
सरल दैनिक जप विधि
- ॐ श्री हनुमते नमः → 108 बार
- हनुमान गायत्री → 21 बार
- हनुमान चालीसा → 1 बार
महत्वपूर्ण नियम
- श्रेष्ठ दिन: मंगलवार और शनिवार
- पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें
- 108 मनकों वाली रुद्राक्ष माला का उपयोग करें
- ध्यान और सही उच्चारण के साथ जप करें
- स्वच्छता और भक्ति बनाए रखें

