ॐ जय नन्दी देवा, स्वामी जय नन्दी देवा।
शंभु के वाहन प्यारे, सदा शिव के देवा॥
॥ ॐ जय नन्दी देवा... ॥
श्वेत वर्ण तनु प्यारा, गले मुण्ड माला।
भव-भय भंजन हारी, तुम हरन करमाला॥
॥ ॐ जय नन्दी देवा... ॥
शिव-सेवा चतुर तुम, सदा प्रभु पास।
तुम बिन शिव न सोहे, तुम हो शिव के दास॥
॥ ॐ जय नन्दी देवा... ॥
ध्यान धरे जो कोई, तुमको मन लाये।
ताकी मन की आशा, तुम पूर्ण कर पाये॥
॥ ॐ जय नन्दी देवा... ॥
नन्दी जी की आरती, जो कोई नर गावे।
शिव के दर्शन पावे, सुख-सम्पत्ति पावे॥
॥ ॐ जय नन्दी देवा... ॥

