देवी सौ वर्षों के सूखे में ऋषियों की पुकार पर प्रकट होने का वचन देती हैं। सौ नेत्रों से उन्हें देखने के कारण वे शताक्षी कहलाएँगी।
शाकम्भरी का पोषणमयी रूप
देवी सौ वर्षों के सूखे में ऋषियों की पुकार पर प्रकट होने का वचन देती हैं। सौ नेत्रों से उन्हें देखने के कारण वे शताक्षी कहलाएँगी।
वर्षा लौटने तक वे अपने शरीर से उत्पन्न शाक से प्राणियों का पोषण करेंगी। इसी रूप में वे शाकम्भरी के नाम से पूजी जाएँगी।

