अनेक भक्त विन्ध्येश्वरी मन्त्र का जप दीपक, लाल पुष्प और विन्ध्याचल माता के शांत स्मरण के साथ करते हैं। शुक्रवार और नवरात्रि के दिन विशेष प्रिय माने जाते हैं, यद्यपि श्रद्धापूर्वक दैनिक जप भी पूर्णतः मान्य है।
सरल विन्ध्यवासिनी मन्त्र
ॐ विन्ध्यवासिन्यै नमः
विन्ध्यवासिनी माता के दैनिक स्मरण और माता की शरण प्राप्ति के लिए
11 या 21 बार
विन्ध्येश्वरी मूल मन्त्र
ॐ ह्रीं श्रीं विन्ध्यवासिन्यै क्लीं नमः स्वाहा
शत्रु नाश, भय मुक्ति, संकट निवारण और माता की विशेष अनुकम्पा प्राप्ति के लिए
108 बार
विन्ध्यवासिनी गायत्री मन्त्र
ॐ विन्ध्यवासिन्यै विद्महे, शक्तिरूपायै धीमहि, तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
आत्मिक बल, मनोशुद्धि, साधना की सिद्धि और दैवीय शक्ति जागृति के लिए
108 बार
विन्ध्येश्वरी शक्ति मन्त्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं विन्ध्येश्वर्यै भगवत्यै नमः स्वाहा
सुख, समृद्धि, सौभाग्य, रोग निवारण और जीवन के समस्त कष्टों के निवारण के लिए
54 या 108 बार
विन्ध्यवासिनी स्तुति मन्त्र
नमो देव्यै महादेव्यै विन्ध्यवासिन्यै नमो नमः। शक्त्यै शिवायै सततं नमस्ते सर्वमंगले॥
नवरात्रि पूजन, विशेष अनुष्ठान, माता के मन्दिर दर्शन और मनोकामना पूर्ति हेतु पाठ के लिए
21 बार
मार्गदर्शन
जप को सरल, श्रद्धापूर्ण और नियमित रखें। यदि आपके परिवार में विन्ध्याचल माता से जुड़ा कोई विशेष व्रत है, तो उसी परम्परा का सावधानी से पालन करें।

