विष्णु जी मंत्र

विष्णु जी मंत्र

विष्णु जी मंत्र जप में नियमितता और उच्चारण की शुद्धता का ध्यान रखें।

द्वादशाक्षर मंत्र

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

भक्ति, मोक्ष, मनोकामना पूर्ति एवं दैनिक पूजा में प्रयुक्त

108 / 1008 बार

विष्णु मूल मंत्र

ॐ विष्णवे नमः

सरल दैनिक पूजा और भक्ति भाव से विष्णु जी को प्रणाम हेतु

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विष्णु गायत्री मंत्र

ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥

आध्यात्मिक स्थिरता हेतु

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अष्टाक्षर मंत्र

ॐ नमो नारायणाय

नारायण के स्वरूप की उपासना हेतु। ग्रह शांति, पापनाश एवं आत्मशुद्धि के लिए अत्यंत फलदायी।

108 बार

विष्णु शांति मंत्र

शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशम्। विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्॥

प्रातःकाल उठकर विष्णु ध्यान हेतु। मन को शांति एवं सकारात्मकता प्रदान करता है

11 / 21 बार

विष्णु पूजा मंत्र

ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥

विष्णु पूजा, यज्ञ एवं अनुष्ठान में पाठ करने हेतु

108 बार

सुझाव

मंत्र जप शांत बैठकर, समान श्वास और स्थिर ध्यान के साथ करें।

पाठ पूर्ण

जब आप तैयार हों, दूसरा पाठ जारी रखें या देवता पेज पर लौटें।

सनातन धर्म का प्रकाश आगे बढ़ाएं

एक साझा किया हुआ पाठ किसी और घर में भक्ति की शुरुआत बन सकता है।