दुर्गा माता मंत्र

दुर्गा माता मंत्र

दुर्गा माता के मंत्रों का जाप करते समय नियमित लय और श्रद्धापूर्ण उच्चारण बनाए रखें।

बीज मंत्र (कृपा प्राप्ति)

ॐ दुं दुर्गायै नमः

सुरक्षा और शक्ति प्राप्ति हेतु

108 बार

स्तुति मंत्र (शक्ति रूप)

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

मातृ शक्ति के आह्वान हेतु

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दुर्गा गायत्री मंत्र

ॐ कात्यायनाय विद्महे कन्याकुमारी धीमहि तन्नो दुर्गि प्रचोदयात्

निर्भयता, साहस, बुद्धि, रक्षा, मनोबल वृद्धि तथा माता दुर्गा की कृपा प्राप्ति हेतु

11, 21, 51 या 108 बार

रक्षा/बाधा मुक्ति मंत्र

ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी।दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥

माता दुर्गा की कृपा, रक्षा, भय नाश, शत्रु बाधा शांति, शक्ति वृद्धि, नकारात्मक ऊर्जा दूर करने तथा समस्त मंगल कार्यों में सफलता हेतु

11, 21, 51 या 108 बार

नवार्ण मंत्र (शक्तिशाली)

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥

मां दुर्गा की कृपा, रक्षा, शत्रु बाधा नाश, भय दूर करने, आत्मबल, बुद्धि, शक्ति और साधना सिद्धि हेतु

108 बार

मूल मंत्र (सर्वार्थ सिद्धि)

सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते॥

माँ दुर्गा की कृपा, रक्षा, सुख-समृद्धि, भय नाश, कार्य सिद्धि और परिवार कल्याण हेतु

11, 21, 51 या 108 बार

मार्गदर्शन

शांत बैठकर, स्थिर श्वास और एकाग्र मन से मंत्र जाप करें।

पाठ पूर्ण

जब आप तैयार हों, दूसरा पाठ जारी रखें या देवता पेज पर लौटें।

सनातन धर्म का प्रकाश आगे बढ़ाएं

एक साझा किया हुआ पाठ किसी और घर में भक्ति की शुरुआत बन सकता है।