कृष्ण जी

कृष्ण जी

इन्द्र ब्रजवासियों पर प्रचण्ड वर्षा भेजते हैं। ठण्ड और जल से व्याकुल लोग अपनी गायों सहित कृष्ण की शरण में आते हैं। कृष्ण गोवर्धन पर्वत को एक हाथ से उठाकर सबको उसके नीचे आश्रय देते हैं।

कृष्ण मंत्र

ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने प्रणत क्लेश नाशाय गोविंदाय नमो नमः

दिन

गुरुवार

रंग

नीला

भोग

माखन मिश्री

पर्व

जन्माष्टमी

गीता जयंती

कृष्ण जी की कथा और आध्यात्मिक महत्व

अर्थ, उपासना और उपलब्ध पाठ को समझने के लिए संक्षिप्त परिचय।

इन्द्र ब्रजवासियों पर प्रचण्ड वर्षा भेजते हैं। ठण्ड और जल से व्याकुल लोग अपनी गायों सहित कृष्ण की शरण में आते हैं। कृष्ण गोवर्धन पर्वत को एक हाथ से उठाकर सबको उसके नीचे आश्रय देते हैं।

गोवर्धन के नीचे ब्रज की रक्षा

इन्द्र ब्रजवासियों पर प्रचण्ड वर्षा भेजते हैं। ठण्ड और जल से व्याकुल लोग अपनी गायों सहित कृष्ण की शरण में आते हैं। कृष्ण गोवर्धन पर्वत को एक हाथ से उठाकर सबको उसके नीचे आश्रय देते हैं।
सात दिन तक कृष्ण पर्वत को धारण किए रहते हैं। इन्द्र वर्षा रोक देते हैं। आकाश साफ होने पर ब्रजवासी बाहर निकलते हैं और कृष्ण पर्वत को उसके स्थान पर रख देते हैं। सब उन्हें प्रेम से घेर लेते हैं।

सनातन धर्म का प्रकाश आगे बढ़ाएं

एक साझा किया हुआ पाठ किसी और घर में भक्ति की शुरुआत बन सकता है।